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Ballia News : आस्था या अन्धविश्वास, खौलते दूध से बच्ची को नहलाया, कहा- सुख शांति के लिए जरूरी है ये पूजा

Ballia News : पूर्वांचल के कई इलाकों में यह पूजा कड़ाहा पूजन के नाम से प्रसिद्ध है पर यहां पूजा करवाने वाला स्वयं गर्म दूध से नहाता है और सुख समृद्धि की कामना करता है।

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Jun 28, 2023
Ballia News

Ballia News : हमारे देश 21वीं सदी में है पर आज भी सुदूरवर्ती इलाकों में आस्था के नाम पर अंधविश्वास परोसा जा रहा है। मामला बलिया के श्रवणपुर का है, जहां आस्था के नाम पर आयोजित गोवर्धन पूजा में एक मासूम को खौलते दूध से बच्चे को नहलाने का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स बच्चे के नंगे जिसमे पर मिटटी के बर्तन में खौल रहे दूध के झाग को लगातार मल रहा है। इससे बच्चा विचलित भी है पर गांव के लोगों की मानने तो यह यादव समाज के गोवर्धन पूजा की विधि है। इस खास पूजा को पंडित अनिल यादव ही संपन्न करवाते हैं और इससे सुख शान्ति आती है और परिवार विपत्तियों से मुक्त हो जाता है।

काशी दास बाबा की पूजा के नाम पर बच्चे की जान से खिलवाड़

पंडित अनिल यादव ने पहले गोबर के कंडों से चूल्हा जलवाया और उसपर मिट्टी के बर्तनों में गर्म दूध कहलाने के लिए रख दिया गया। इस पूजन में बर्तन में जब गर्म दूध कहलने लगा तो पूजा करवाने वाले के मासूम बच्चे को लेकर पंडित अनिल यादव ने आस्था के नाम पर खिलवाड़ करना शुरू कर दिया और उसे उस गर्म दूध से नहलाने लगा जिससे बच्चा परेशान दिखा। वहीं बच्चे के परिजन भी यहां हाथ जोड़े खड़े रहे और बाद में सवाल पूछने पर कहा कि यह हमारी आस्था का विषय है इसपर हमें कुछ नहीं कहना है।

घर में सुख-शान्ति के लिए आवश्यक है ये पूजा

काशी दास बाबा की पूजा करने वाले उनके पंथी अनिल भगत ने बताया कि इस क्षेत्र में काशी दास बाबा की पूजा का बड़ा महत्व है। यह पूजा सुख शांति के लिए की जाती है और इसके करवाने से घर पर कोई विपत्ति नहीं आती है। हमारे यहां यह पूजा अनिवार्य बताई गई है। वो स्वयं भी साल में एक बार इस पूजा का आयोजन अपने घर में करवाते हैं।

भगवान श्री कृष्ण से जोड़ दी पंडित अनिल भगत ने परंपरा

इस खतरनाक पूजा को संपन्न करवा रहे पंडित नेल भगत से जब मीडिया ने सवाल किए तो उन्होंने इसे श्रीकृष्ण काल से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह पूजा विधि नई नहीं है। स्वयं कृष्ण कन्हैया ने अपने यहां इस पूजा को संपन्न करवाया था जिसे अब मै करवा रहा हूं उस प्रथा पर चलकर। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी भी हमारे ही रास्तों पर चले, यही कामना करता हूं।

गांव में चंदा लेकर हुई थी पूजा

ग्रामीणों ने बताया कि यह पूजा चंदा लेकर हुई थी। पूजा कमेटी के श्रीभगवान यादव ने बताया कि इसकी एक महीना पहले से तैयारी हुई थी। चंदा इकट्ठा किया गया था। किसी पर कोई दबाव नहीं था सबने अपनी सहमति और ताकत के हिसाब से चंदा दिया है। इस पूजा को कराने से घर परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोई विपत्ति नहीं आती है।

Published on:
28 Jun 2023 09:57 pm
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