बलिया जनपद में सरकारी कार्य के दौरान अनुशासनहीनता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। भृगु आश्रम स्थित कम्पोजिट स्कूल परिसर में आयोजित एक सरकारी बैठक के दौरान दो महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और बैठक स्थल अखाड़े में तब्दील हो […]
बलिया जनपद में सरकारी कार्य के दौरान अनुशासनहीनता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। भृगु आश्रम स्थित कम्पोजिट स्कूल परिसर में आयोजित एक सरकारी बैठक के दौरान दो महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और बैठक स्थल अखाड़े में तब्दील हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर में SIR से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो महिला कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़कर खींचे, जमीन पर पटकने का प्रयास किया और गालियां दीं। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों महिला बीएलओ को आपस में मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मच गई है।
इस मामले में दलित महिला बीएलओ सुमन देवी ने दूसरी बीएलओ नीलम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुमन देवी का कहना है कि विवाद के दौरान उनके साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी बैठक जैसे संवेदनशील माहौल में इस तरह की घटना को लेकर कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।