कातिल पत्नी का घिनौना चेहरा सामने आया है। उसने अपने रिटायर्ड फौजी पति की अपने प्रेमी के साथ मिलकर के नृशंस तरीके से हत्या कर दी। हत्या के बाद पति के सर को घर से दूर 30 किलोमीटर दूर घाघरा में फेकवा दिया तो वही शरीर के अन्य टुकड़ों को अलग-अलग स्थान पर ले जा कर अन्य जगहों पर फेंका।
बलिया जनपद में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। जनपद में कातिल पत्नी का घिनौना चेहरा सामने आया है। उसने अपने रिटायर्ड फौजी पति की अपने प्रेमी के साथ मिलकर के नृशंस तरीके से हत्या कर दी। हत्या के बाद पति के सर को घर से दूर 30 किलोमीटर दूर घाघरा में फेकवा दिया तो वही शरीर के अन्य टुकड़ों को अलग-अलग स्थान पर ले जा कर अन्य जगहों पर फेंका।
परंतु पुलिस की सक्रियता से पूरे मामले का खुलासा हो गया और एक बार पुनः प्रेमी के चक्कर में पति की निर्मम हत्या करने वाली पत्नी के अपराधों का खुलासा हो गया।
बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि माया देवी ने अपने प्रेमी, ट्रक चालक अनिल यादव और दो साथियों - मिथिलेश पटेल और सतीश यादव की मदद से अपने पति की हत्या करने की बात कबूल कर ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलिया के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के खरीद गांव के पास नदी घाट की तरफ जाने वाले रास्ते के बगल में स्थित एक बागीचे से तीन दिन पहले एक पॉलीथिन में मानव के दो हाथ और दो पैर मिले थे। सोमवार को बागीचे से सटे कुएं में धड़ पड़ा मिला। इस पर आशंका व्यक्त की जा रही थी कि शव के सभी अवशेष एक ही व्यक्ति के हैं। जांच में पता चला कि ये सभी अंग रिटायर्ड फौजी देवेंद्र के हैं। फिर पुलिस ने इस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन शुरू कर दी। परत दर परत जांच में कड़ियां जुड़ती चली गईं और आखिरकार सारी बातें सामने आ गईं।
पुलिस के मुताबिक रिटायर्ड फौजी की पत्नी के संबंध अनिल यादव नाम के एक ट्रक ड्राइवर से थे। दोनों ने देवेंद्र को इसमें रोड़ा माना और इसी के चलते दोनों ने मिलकर कोतवाली थाना क्षेत्र के बहादुर स्थित मकान में देवेंद्र की निर्मम हत्या कर दी। शव और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसके हाथ-पैर और धड़ काटकर गाड़ी से सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के दियारा में फेंक दिया।