बलिया

बुरा फंसे हेडमास्टर साहब! 59 अंकों की हेराफेरी पड़ी भारी, 20 साल बाद बर्खास्त

बलिया में करीब 20 वर्षों से सेवा दे रहे एक प्रधानाध्यापक को बर्खास्त किया गया है। विभाग की जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापक ने फर्जी अंकपत्र के सहारे सरकारी नौकरी ली थी। घटना की जानकारी होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक की नियुक्ति को अमान्य कर दिया है...
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Mar 31, 2026
Teacher's dismissed
Demo pic (Photo- Patrika)

बलिया: बेसिक शिक्षा विभाग में एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां करीब 20 वर्षों से सेवा दे रहे एक प्रधानाध्यापक को बर्खास्त किया गया है। विभाग की जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापक ने फर्जी अंकपत्र के सहारे सरकारी नौकरी ली थी। घटना की जानकारी होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक की नियुक्ति को अमान्य कर दिया है और उसे नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही वेतन वसूली के भी निर्देश जारी किया गया है।

शख्स ने की थी शिकायत

जानकारी के मुताबिक, यह मामला शिक्षा क्षेत्र 15 के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय नोनियापूरा (बाछापार) का है, जहां के प्रधानाध्यापक ध्रुवनाथ यादव के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद उन्हें उनके कार्य से बर्खास्त कर दिया गया है। गौरी सिकंदरपुर के रहने वाले शिकायतकर्ता दिनेश कुमार यादव ने सहायक शिक्षा निदेशक आजमगढ़ को शपथ पत्र देखकर आरोप लगाया था कि संबंधित शिक्षक ने अपने अंक पत्र में हेर फेर करके यह नौकरी हासिल की थी।

शिकायत मिलने के बाद विभाग ने आरोपी शिक्षक के मार्कशीट की जांच कराई तो पाया गया कि स्नातक में ध्रुवनाथ यादव ने अपने अंक पत्र में 59 अंकों की हेरा फेरी की थी। उनके वास्तविक अंक 445 थे, जबकि अंक पत्र में 504 अंक दर्शाए गए थे। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि नौकरी पाने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था।

संपदा पोर्टल पर भी दी गलत जानकारी

मामले में अत्यधिक पुष्टि के लिए उनके स्नातक के महाविद्यालय श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय दादर आश्रम सिकंदरपुर से भी सत्यापन कराया गया। वहां से भी मिले प्रमाण पत्रों में अंक पत्र फर्जी पाया गया। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शिक्षक ने संपदा पोर्टल पर भी गलत जानकारी अपलोड की थी।

सभी साक्ष्यों के मिलन के बाद विभाग ने संबंधित शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही विभाग ने आरोपी शिक्षक से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं मिला। उसके बाद बीएसए मनीष कुमार ने आरोपी शिक्षक की सेवा बर्खास्त करने का निर्देश जारी कर दिया है।

वेतन-भत्ता होगा रिकवर

बीएसए ने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आरोपी शिक्षक को अब तक दिए गए सभी वेतन और भत्तों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उनकी रिकवरी के लिए वसूली प्रक्रिया शुरू की जाए। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और इस मामले में जांच के आधार पर जिन लोगों की भी संलिप्तता सामने आएगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
31 Mar 2026 05:12 pm
Published on:
31 Mar 2026 05:12 pm