
विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
BSP MLA Umashankar Singh: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह को शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान और हजारों लोगों की मौजूदगी में अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। रास्ते भर समर्थक उमाशंकर सिंह अमर रहें के नारे लगाते रहे। पूरे इलाके में गम का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने लोकप्रिय नेता को नम आंखों से विदा किया।
उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर पहले उनके पैतृक गांव खनवर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। सुबह से ही आसपास के गांवों और जिलों से लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचने लगे। देखते ही देखते हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद अंतिम यात्रा शुरू हुई, जिसमें करीब 20 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए।
परिवार के सदस्यों और समर्थकों के साथ अंतिम यात्रा पैतृक गांव से करीब 45 किलोमीटर दूर गंगा घाट तक पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाना है। उनके इकलौते बेटे प्रिंस युकेश सिंह मुखाग्नि देंगे।
उमाशंकर सिंह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। इलाज के लिए उन्हें विदेश भी ले जाया गया था, लेकिन बीमारी लगातार बढ़ती गई। बुधवार शाम उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 55 वर्ष के थे।
दिल्ली से पार्थिव शरीर पहले लखनऊ लाया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मायावती भावुक नजर आईं। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि "बसपा परिवार हमेशा आपके साथ खड़ा है।" उन्होंने यह भी याद किया कि उमाशंकर सिंह हर रक्षाबंधन पर उनसे राखी बंधवाने आते थे और उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे।
देर शाम जब पार्थिव शरीर बलिया के रसड़ा क्षेत्र पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग जुट गए। बताया गया कि लखनऊ से बलिया तक शव यात्रा के काफिले में करीब 400 वाहन शामिल रहे। रात देर तक लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा का प्रदर्शन कमजोर रहा, तब वे पार्टी के इकलौते विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे। पूर्वांचल की राजनीति में उनकी अलग पहचान थी।
उमाशंकर सिंह अपने पीछे पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी सिंह, बेटे प्रिंस युकेश सिंह और बहू कनिका सिंह को छोड़ गए हैं। पुष्पा सिंह परिवार की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि प्रिंस युकेश कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं।राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा है कि भविष्य में प्रिंस युकेश सिंह अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अब तक सक्रिय राजनीति में औपचारिक रूप से कदम नहीं रखा है।
Updated on:
07 Aug 2026 01:07 pm
Published on:
07 Aug 2026 01:07 pm
