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कौन हैं बलिया की स्मृति सिंह? BRICS संवाद 2026 में यूपी का किया प्रतिनिधित्व, अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाई युवाओं की आवाज

Smriti Singh Represented UP At Brics: बलिया की सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व प्रधान स्मृति सिंह ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स संवाद 2026 में यूपी का प्रतिनिधित्व किया। जानिए कौन हैं विलेज पैड गर्ल के नाम से मशहूर स्मृति सिंह...
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बलिया

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Mohsina Bano

Sep 12, 2026

BRICS Summit 2026, Smriti Singh, Women Empowerment, Bharat Mandapam, Youth Voice

स्मृति सिंह ने ब्रिक्स संवाद 2026 में यूपी का प्रतिनिधित्व किया (PC: Facebook/roshanjaiswalballia)

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 13 सितंबर तक आयोजित हो रहे ब्रिक्स (BRICS) संवाद 2026 में उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व प्रधान स्मृति सिंह ने अपनी खास पहचान दर्ज कराई है। नीति आयोग के विशेष निमंत्रण पर पहुंची स्मृति ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरी दुनिया के सामने अपने विचार साझा किए हैं। स्मृति सिंह ने कार्यक्रम में अपनी बात रखी और ग्रामीण भारत की महिलाओं तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया।

'विलेज पैड गर्ल' के नाम से मशहूर हैं स्मृति सिंह

ग्राम पंचायत स्तर से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाली स्मृति सिंह महिला सशक्तिकरण और मासिक धर्म स्वच्छता के क्षेत्र में शानदार काम कर रही हैं। उनके इसी समर्पण और लगातार किए जा रहे प्रयासों के कारण उन्हें विलेज पैड गर्ल के नाम से भी जाना जाता है। ब्रिक्स संवाद में हिस्सा लेते हुए स्मृति ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और यूपी के ग्रामीण समाज महिलाओं व युवाओं की आवाज उठाना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने वैश्विक मंच से यह अहम सुझाव भी दिया कि सभी ब्रिक्स देशों को महिला नेतृत्व ग्रामीण विकास शिक्षा स्वास्थ्य और युवाओं की भागीदारी के क्षेत्र में अपना आपसी सहयोग और अधिक मजबूत करना चाहिए।

वैश्विक मंच पर उठाई ग्रामीण भारत की आवाज

रतसरकलां की पूर्व प्रधान स्मृति सिंह को शनिवार को ही ब्रिक्स संवाद में अपनी बात रखने का मौका मिला। उन्होंने भारत खासकर ग्रामीण भारत की महिलाओं युवाओं और जमीनी स्तर पर हो रहे सामाजिक बदलावों के बारे में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों के सामने बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा नेतृत्व और स्वच्छता जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। स्मृति ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को बताया कि किस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है और उनके नेतृत्व में कितने सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।

UN महिला सम्मेलन में भी हो चुकी हैं शामिल

यह कोई पहला मौका नहीं है जब स्मृति सिंह ने किसी बड़े मंच पर हिस्सा लिया हो। इससे पहले वह संयुक्त राष्ट्र (UN) के महिला सम्मेलन में भी शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा साल 2024 में उन्होंने संसद भवन में आयोजित 'पंचायत प्रतिनिधियों की संसद में उपस्थिति' कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था। उस कार्यक्रम में शामिल होने वाली वह पूरे उत्तर प्रदेश की इकलौती पंचायत प्रतिनिधि थीं। ब्रिक्स संवाद को लेकर स्मृति ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण समाज महिलाओं और युवाओं की आवाज दुनिया भर के प्रतिनिधियों तक पहुंचाना उनके लिए बहुत गर्व की बात है।

मरणोपरांत शरीर दान का लिया संकल्प

स्मृति सिंह न सिर्फ एक सशक्त वक्ता और नेता हैं बल्कि वह मानवता की सेवा के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने मरणोपरांत अपना पूरा शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करने का बहुत बड़ा संकल्प लिया है। इतना ही नहीं कैंसर से पीड़ित महिलाओं की मदद और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए वह 2 बार अपने बाल भी दान कर चुकी हैं। उनके दान किए गए बाल तमिलनाडु की एक स्वयंसेवी संस्था के जरिए जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाए जाते हैं।