
Daughter demanding justice after father death (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Demand justice for father death Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र के दोथ गांव में पूर्व फौजी अमरेश बहादुर सिंह की चाकू से गोदकर हत्या के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। वारदात के बाद एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। गुरुवार रात हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब पूर्व फौजी का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
मृतक की तीन बेटियां कृतिका सिंह, रितिका सिंह और रोशनी सिंह हैं। बड़ी बेटी कृतिका की शादी मई 2027 के पहले सप्ताह में होनी थी। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियों और भविष्य के सपने बुने जा रहे थे, वहां अब मातम पसरा है। पिता की हत्या के बाद परिवार सदमे में है और गांव में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
मृतक की बड़ी बेटी कृतिका सिंह ने पूरी घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना के दौरान दबंग हमलावर रामकरण कथित तौर पर गाली-गलौज कर रहा था। परिवार की ओर से इसका विरोध किया गया। कृतिका के अनुसार, जब उसके चाचा मंजेश सिंह ने गाली देने से मना किया तो आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाचा पर हमला होते देख उसके पिता अमरेश बहादुर सिंह उन्हें बचाने के लिए आगे आए। आरोप है कि हमलावर ने उन पर भी चाकू से वार कर दिया। चाकू लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल होकर अंधेरे में गिर पड़े। कृतिका का कहना है कि वह अपनी बहन रितिका के साथ दोनों को बचाने के लिए लगातार चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन उसकी आंखों के सामने उसके पिता पर चाकू से हमला होता रहा।
कृतिका ने बताया कि उसके लिए यह घटना जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा है। जिस पिता के सहारे पूरा परिवार था, वह उसकी आंखों के सामने गंभीर रूप से घायल होकर गिर गए। परिवार के लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, मृतक के चाचा मंजेश सिंह भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद से परिवार में गुस्सा और आक्रोश दोनों दिखाई दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की वारदात करने की हिम्मत न कर सके।
पिता की हत्या से आक्रोशित कृतिका सिंह ने पुलिस और प्रशासन के सामने बेहद कड़ी कार्रवाई की मांग रखी है। उसने कहा कि वह हत्यारे का ‘फुल एनकाउंटर’ चाहती है। उसका आरोप है कि आरोपी पहले से ही अपराधी है और परिवार को आशंका है कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी खतरा बना रहेगा। कृतिका ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की है। उसने कहा कि बिना बुलडोजर की कार्रवाई के वह अपने पिता के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेगी। बेटी के इस बयान के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। परिवार की मांग और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर गांव में चर्चा तेज है।
इससे पहले पूर्व फौजी के शव का मऊ में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब शव दोथ गांव पहुंचा तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। शव देखते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटियों और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल मातम में बदल गया। परिवार के लिए सबसे मुश्किल क्षण वह रहा, जब अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। एक तरफ पिता और परिवार के सदस्य की मौत का गम था, वहीं दूसरी तरफ घटना को लेकर आक्रोश भी दिखाई दे रहा था। परिजन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
हत्या के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। गांव में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। संवेदनशील माहौल को देखते हुए अधिकारियों ने भी मौके की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस का प्रयास है कि मामले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी पक्ष की ओर से स्थिति बिगाड़ने की कोशिश न हो। गांव में आने-जाने वाले लोगों और घटनाक्रम पर भी पुलिस की नजर है। घटना के बाद से ग्रामीणों के बीच भी भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। वारदात के कारणों और घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं, घायल मंजेश सिंह की स्थिति और उनके बयान को भी जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीओ बैरिया आलोक कुमार गुप्ता ने घटना और पुलिस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी स्थिति में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अमरेश बहादुर सिंह के परिवार पर इस घटना ने गहरा असर डाला है। घर में बड़ी बेटी कृतिका की शादी मई 2027 के पहले सप्ताह में प्रस्तावित थी। परिवार बेटी की शादी को लेकर भविष्य की तैयारियों में जुटा था, लेकिन एक ही वारदात ने परिवार की पूरी खुशियां छीन लीं। तीनों बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिजनों के मुताबिक अमरेश बहादुर सिंह परिवार के लिए मजबूत सहारा थे। उनकी हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। गांव के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दोथ गांव में इस समय सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। एक ओर परिवार न्याय और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात है। मृतक की बेटी द्वारा एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ गांव में शांति बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अधिकारियों की निगरानी में गांव में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखी गई है।
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Updated on:
12 Sept 2026 01:28 pm
Published on:
12 Sept 2026 01:22 pm
