
प्रतीकात्मक फोटो। PC: IANS
Rakhi Price Hike: सावन पूर्णिमा पर 28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर्व के लिए शहर के बजाजा बाजार और सदर बाजार समेत प्रमुख चौराहों पर दुकानें सज गई हैं। इस बार कच्चे माल की कीमतों में उछाल, स्थानीय लेबर लागत में वृद्धि और बाजार से चाइनीज सामान लगभग गायब होने के कारण राखियों के दामों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। त्यौहार के मौके पर बढ़ी इस महंगाई के बीच बहनें अपने तय बजट का संतुलन बनाते हुए बाजारों में खरीदारी कर रही हैं।
बाजार में इस बार फैंसी राखियों के मुकाबले पारंपरिक धागे वाली राखियों की मांग में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। दुकानदार संदीप सोनी के मुताबिक, चांदी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण कीमती राखियों की मांग इस बार काफी सीमित रह गई है। इसके विपरीत बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर और युवाओं के लिए आकर्षक डिजाइन वाली धागे की राखियां बहनों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
स्थानीय विक्रेता विक्की के अनुसार, बाजार में राखियों की कीमतें ₹30 से शुरू होकर ₹150 तक पहुंच रही हैं। महंगे दामों की वजह से ग्राहकों का मुख्य ध्यान बजट पर है, जिससे छोटी, हल्की और नग वाली राखियों की मांग सबसे अधिक बनी हुई है। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि पर्व से एक-दो दिन पहले बिक्री में और उछाल आएगा।
दूसरे शहरों में रह रहे भाइयों तक समय से रक्षासूत्र पहुंचाने के लिए डाक विभाग ने इस बार विशेष कदम उठाए हैं। शहर के मुख्य डाकघर समेत क्षेत्रीय शाखाओं में राखी भेजने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ जुट रही है। समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डाकघरों में अतिरिक्त पार्सल और रजिस्ट्री काउंटर खोले गए हैं, ताकि रक्षाबंधन के दिन तक राखियां बिना किसी देरी के गंतव्य तक पहुंच सकें।
दूसरी ओर, दूर-दराज के क्षेत्रों में नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में गए भाइयों के लिए कई परिवार त्वरित संदेश और फैक्स जैसी सेवाओं का भी उपयोग कर रहे हैं। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि त्यौहार को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण रूटों पर राखियों के लिफाफों की छंटाई और वितरण पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बाजारों में बढ़ रही यह चहल-पहल आने वाले दिनों में और तेजी पकड़ने की संभावना है।
Updated on:
24 Aug 2026 09:20 am
Published on:
24 Aug 2026 09:08 am
