बलिया

यूजीसी विवाद पर बीजेपी में घमासान, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कैमरे पर कहा – ‘यह पार्टी के लिए आत्मघाती कदम’

यूजीसी (UGC) को लेकर देशभर में जहां सवर्ण समाज का विरोध तेज़ होता जा रहा है, वहीं अब सत्ता में काबिज़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। बीजेपी के बलिया जिले की बैरिया विधानसभा से पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल […]

2 min read
Jan 28, 2026

यूजीसी (UGC) को लेकर देशभर में जहां सवर्ण समाज का विरोध तेज़ होता जा रहा है, वहीं अब सत्ता में काबिज़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। बीजेपी के बलिया जिले की बैरिया विधानसभा से पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुलकर पार्टी के फैसले को “आत्मघाती कदम” बता रहे हैं। इस बयान के बाद बीजेपी के अंदरखाने हड़कंप मच गया है।

बलिया के बैरिया से पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, जो अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं, इस बार सीधे मीडिया के कैमरे के सामने यूजीसी के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा करते नज़र आए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह फैसला न तो पार्टी के हित में है और न ही समाज के स्वाभिमान के अनुरूप।

‘कलयुग में भी क्षत्रिय समाज सिरमौर’ – समाज और इतिहास पर दिया बड़ा बयान


अपने बयान में सुरेंद्र सिंह ने क्षत्रिय समाज की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कलयुग में भी क्षत्रिय समाज धर्म, राष्ट्रभक्ति, बलिदान और पुरुषार्थ के मामले में अग्रणी रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि चाहे राजनीति हो, राष्ट्र के लिए समर्पण हो या बलिदान — हर क्षेत्र में क्षत्रिय समाज ने इतिहास रचा है और भविष्य का इतिहास भी वही लिखेगा।

योगी आदित्यनाथ की खुलकर की तारीफ


यूजीसी विवाद पर बीजेपी नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले सुरेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में जमकर कसीदे पढ़े। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ऐसे महामानव हैं जिनके चरित्र, ईमान और साहस पर आज तक कोई दाग नहीं लगा। चाहे कितनी भी साज़िशें हों, कोई भी उनके व्यक्तित्व को नुकसान नहीं पहुँचा सकता। उनके अनुसार, किसी भी दल का कोई भी नेता योगी आदित्यनाथ के चरित्र के सामने टिक नहीं सकता।

यूजीसी पर सीधा हमला: ‘स्वाभिमानी समाज को कमजोर करने की सोच गलत’


यूजीसी के सवाल पर सुरेंद्र सिंह ने दो टूक कहा—
“यह आत्मघाती कदम है। मैं व्यक्तिगत रूप से इसे अच्छा निर्णय नहीं मानता। वोट के लिए किसी स्वाभिमानी समाज के स्वाभिमान को कमजोर करने की सोच कभी सही नहीं हो सकती।”
उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया कि इस फैसले को पूरी तरह वापस लिया जाए, अन्यथा इसके परिणाम पार्टी के लिए अच्छे नहीं होंगे।

संघ से विधायक तक का सफर


सुरेंद्र सिंह का राजनीतिक और सामाजिक जीवन भी कम दिलचस्प नहीं रहा है। वे शुरू से ही शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभाई। अपने विधानसभा क्षेत्र में साइकिल से घूम-घूमकर संघ के विचारों का प्रचार किया। वर्ष 2017 में बीजेपी ने उन्हें बलिया की बैरिया विधानसभा से टिकट दिया, जहां से वे विधायक बने। कार्यकर्ताओं के मुद्दों पर खुलकर बोलना और पार्टी नेताओं से टकरा जाना उनकी पहचान रही है।

Also Read
View All

अगली खबर