
Railway Crossing Traffic: बालोद जिले के पाररास रेलवे फाटक पर 38.98 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित थ्री-लेन ओवरब्रिज स्वीकृति के तीन साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाया है। भू-अर्जन और प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बिजली के पोल और हाईटेंशन लाइन भी शिफ्ट नहीं हो पाई हैं। इन अड़चनों के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है। विभाग को अक्टूबर अंत तक टेंडर सहित लंबित प्रक्रियाएं पूरी होने की उम्मीद है।
874 मीटर लंबे ओवरब्रिज के दायरे में 46 से अधिक निजी और व्यावसायिक भूखंड आ रहे हैं। इनका अधिग्रहण और मुआवजा वितरण अभी बाकी है। वहीं, विद्युत विभाग ने भी पोल और लाइनों की शिफ्टिंग शुरू नहीं की है। विभाग के मुताबिक, भू-अर्जन पूरा होने के बाद यह काम किया जाएगा। हालांकि, वन विभाग सड़क किनारे बाधक पेड़ों की कटाई पूरी कर चुका है।
पाररास रेलवे फाटक राजनांदगांव-बालोद-डौंडीलोहारा मार्ग पर स्थित है। यहां से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे स्कूली बच्चों और कर्मचारियों के साथ-साथ आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी होती है।
नागरिक भीखम शर्मा ने कहा कि ओवरब्रिज शहर की बड़ी जरूरत है। शेष प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर निर्माण शुरू कराया जाना चाहिए। क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा और भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा कर चुके हैं।
सेतु विभाग के एसडीओ अशोक हरियाले के मुताबिक, टेंडर अंतिम चरण में है। शेष प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता एचके हिरवानी के मुताबिक, भू-अर्जन पूरा होते ही पोल शिफ्टिंग शुरू की जाएगी।