बालोद

मासूम से दरिंदगी की कोशिश, आइसक्रीम दिलाने के बहाने से घर ले गया था दुकानदार

Minor Girl Harassment: बालोद जिले में 11 साल की बच्ची के साथ दुकानदार द्वारा छेड़छाड़ करने की कोशिश का मामला सामने आया है। बच्ची की सूझबूझ से वह सुरक्षित बच निकली।

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Apr 14, 2026
मासूम से दरिंदगी की कोशिश (photo source- Patrika)

Minor Girl Harassment: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 11 साल की मासूम बच्ची ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत से खुद को एक बड़ी अनहोनी का शिकार बनने से बचा लिया।

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Minor Girl Harassment: अधेड़ उम्र के व्यक्ति की हैवानियत

मामला पुरूर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, बच्ची रोजमर्रा की तरह आइसक्रीम खरीदने के लिए पास की एक दुकान पर पहुंची थी। इसी दौरान दुकान संचालित करने वाले अधेड़ उम्र के व्यक्ति की नीयत बिगड़ गई। उसने बच्ची को बहाने से अपने घर के अंदर बुलाया और गलत इरादों से उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। हालांकि, बच्ची ने असाधारण साहस का परिचय दिया। स्थिति को भांपते हुए उसने किसी तरह खुद को आरोपी के कब्जे से छुड़ाया और वहां से भाग निकली। घर पहुंचते ही उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। बच्ची की सतर्कता और हिम्मत के चलते यह मामला तुरंत सामने आ सका।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बच्ची को लेकर सीधे पुरूर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी के कार्रवाई की और 56 वर्षीय आरोपी रवि शंकर सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

स्कूलों में “गुड टच और बैड टच” का अभियान

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि नाबालिग से जुड़े इस संवेदनशील मामले में परिजनों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसे जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता की जागरूकता और हिम्मत इस मामले में बेहद अहम रही, क्योंकि उसने डरने के बजाय सच्चाई अपने परिवार के सामने रखी।

Minor Girl Harassment: पुलिस प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में “गुड टच और बैड टच” जैसे विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि बच्चे किसी भी गलत व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते अपने परिजनों या शिक्षकों को इसकी जानकारी दे सकें। यह घटना न केवल समाज को झकझोरती है, बल्कि यह भी बताती है कि बच्चों को जागरूक बनाना और उनके साथ खुला संवाद बनाए रखना कितना जरूरी है। साथ ही, ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई भी एक मजबूत संदेश देती है कि अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

Published on:
14 Apr 2026 10:30 am
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