भवन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर पीडब्ल्यूडी ने हैंड ओवर भी कर दिया है। पर यहां अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है।
बालोद. शासकीय प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही का संचालन एक किराए के मकान में संचालित था। इसके लिए शासन ने करोड़ों रुपए खर्च कर 38 कमरों का दो मंजिला भवन बना कर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण भी कर दिया है। वहीं भवन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर पीडब्ल्यूडी ने हैंड ओवर भी कर दिया है। पर यहां अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है।
सत्र 2015-16 के बच्चे कोपा कोर्स कर परीक्षा भी दिए। अब वर्तमान सत्र 2016-17 में कोपा के लिए 26 बच्चे, डिजल मैकेनिक में 21 व वेल्डर के लिए 16 बच्चों ने प्रवेश लिया है। 1 अगस्त 2017 से शासकीय औद्यौगिक प्रशिक्षण केन्द्र गुण्डरदेही (खलारी) में पढाई शुरू होने की बात केवल कागजों पर है। स्थिति ऐसी है कि बच्चे घर से तैयार होकर डे्रस कोड में आईटीआई आते हैं और पिछले डेड़ माह से गप मारकर वापस चले जाते हंै।
आईटीआई गुण्डरदेही के विभिन्न टे्रडों में 63 प्रशिक्षणार्थियों के लिए केवल 4 स्टॉफ कार्यरत हैं, जिसमें दो चपरासी जो 12 घंंटे दिन और 12 घंटे रात की ड्यूटी बारी-बारी से करते हैं। यहां प्रशिक्षणार्थियों के बैठने की व्यवस्था अस्थाई रूप से टेबल-कुर्सी की व्यवस्था कराई गई है। वहीं केवल कोपा के छात्र-छात्राओं के लिए 11 कंप्यूटर की व्यवस्था है, परन्तु वेल्डर और डीजल मैकेनिक के लिए किसी भी प्रकार का उपकरण नहीं है।
ऐसे में
इस आईटीआई से कैसे काबिल प्रशिक्षणार्थी तैयार होंगे इस पर पालक सवाल उठा रहे हैं। जानकारी मिली कि यहां के प्राचार्य बीके साहू कार्यालय के काम से अक्सर कभी टे्रनिंग तो कभी बैठक और कभी डाक के लिए इधर-उधर आते-जाते रहते हैं। टे्रनिंग अधिकारी कोपा घनश्याम कुमार साहू जो प्रचार्य की जगह कार्यालय का काम संभालते हैं और छात्र-छात्राएं कामन रूम में गप मारकर घर वापस चले जाते हंै।
ऐसे में नया सत्र शुरू हुए डेढ़ माह गुजर गए हैं, पर पढ़ाई के नाम पर अब तक बच्चों का कुछ भी नहीं हो पाया है। इधर दूसरी ओर ब्लॉक अंतर्गत निजी आईटीआई में पढ़ाई शुरू हो चुकी है जहां यूनिट टेस्ट भी हो चुका है। माामले में प्रशिक्षण अधिकारी ने जानकारी दी कि यहां के स्थिति के बारे में जानकारी नोडल को दे दी गई है।