बालोद

हद हो गई, एक्जाम हॉल में मक्खी मारते बैठे रहे गए 12 वीं के स्टूडेंट, नहीं पहुंचा प्रश्नपत्र, बिना परीक्षा दिए घर लौटे छात्र

कृषि संकाय के 12 वीं के प्रश्न पेपर नहीं आने के वजह से छात्राओं को बिना परीक्षा दिलाए घर वापस जाना पड़ा।
2 min read
• •
Updated: 12 Dec 2017, 11:34 AM IST
patrika

बालोद/डौण्डी. विकासखण्ड में कक्षा पहली से बारहवीं तक की अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही के कारण आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व बालक उमा विद्यालय के कृषि संकाय के 12 वीं के प्रश्न पेपर नहीं आने के वजह से छात्राओं को बिना परीक्षा दिलाए घर वापस जाना पड़ा।

प्रश्नपत्रों में कई तरह की खामियां आई सामने
परीक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए परीक्षा डीईओ द्वारा लिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जब से जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रश्न पत्र वितरण किया जा रहा है तब से प्रश्न पत्रों में कई तरह की खामियां सामने आने लगी है जिससे छात्राओं को अगले पेपर की तैयारी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू
जिले के सभी स्कूलों में सोमवार से अर्धवार्षिक परीक्षा विधिवत शुरू हो चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी बीआर धुर्वे ने बताया प्रथम दिवस कक्षा पहिली से 12वीं तक के सभी कक्षाओं की परीक्षा शुरू हो गई है। पहला पेपर बिना कोई त्रुटि के सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक संपन्न हुई।

ऑफिस चौक में आमसभा की
दल्लीराजहरा क्षेत्र के ठेका मजदूरों, बेरोजगारों, महिलाओं, राजहरा नगर और जनता के हित में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जन मुक्ति मोर्चा ने रैली निकालकर माइंस आफिस चौक में आमसभा की। उसके बाद जमुमो के प्रतिनिधिमंडल ने अयस्क खदान समूह महाप्रबंधक को मांगों का ज्ञापन सौंपा।

आमसभा में मोर्चा के सचिव बसंत रावटे ने कहा देश के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम सेल अंतर्गत भिलाई इस्पात संयंत्र को कच्चा लौह अयस्क की पूर्ति करने वाले दल्लीराजहरा माइंस में प्रतिवर्ष उत्पादन बढ़ते जा रहा है, परंतु उस गति से माइंस में कार्यरत मजदूरों विशेषकर ठेका मजदूरोंं के हाथों से काम छिना जा रहा है। बेरोजगारों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है। उत्पादन प्रक्रिया में महिलाओं की हिस्सेदारी को सिरे से खारीज कर दिया गया है।

10 सूत्रीय मांगों को पूरा करने किया आंदोलन
शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई के सामाजिक दायित्व को भी खारिज किया जा रहा है। अन्य वक्ताओं ने कहा सेल अंतर्गत बाकी उपक्रमों से लौह अयस्क खदान समूह राजहरा की बदौलत भिलाई इस्पात संयंत्र प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपए मुनाफा कमा कर देता है। इसलिए ठेका मजदूरों, बेरोजगारों, महिलाओं के हित में 10 सूत्रीय मांगों को पूरा किया जाए।

Published on: