
बालोद को जिला बनने के 14 साल बाद भी सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली नहीं पहुंच पाई है। विभागीय आंकड़े के मुताबिक जिले के 50 आंगनबाड़ी केंद्र में विद्युतीकरण नहीं किया गया है। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे बिना बिजली पंखे की सुविधाओं के भविष्य गढ़ते हुए पोषित हो रहे हैं। हालांकि महिला बाल विकास विभाग ने जल्द बचे आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली की सुविधा देने की बात कही है। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जिले में इन दिनों तापमान 38 डिग्री है। हालांकि सोमवार को बदली की वजह से तापमान में कमी देखी गई, लेकिन उमस भरी गर्मी ने जरूर परेशान किया। भीषण गर्मी में बिना बिजली पंखे के कारण गरम हवाओं के बीच बच्चे रहने को मजबूर है। सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक बच्चे केंद्र में रहते हैं। इसके बाद घर भी जाते हैं। इस दौरान तेज गर्मी रहती है।
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जिले में कुल 1530 आंगनबाड़ी केंद्र है। इनमें से लगभग 50 केंद्रों में बिजली नहीं है। जिले में जितने पुराने आंगनबाड़ी केंद्र थे, उसमें बिजली नहीं थी। विभाग नए आंगनबाड़ी केंद्र भवन बना जा रहा है उसमें विद्युतीकरण किया जा रहा है। कई पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण किया गया है।
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जिला महिला बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले में 90 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसमें से 40 आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं। इन सभी में विद्युतीकरण किया गया है। विभाग की माने तो जहां विद्युतीकरण नहीं हुआ है, वहां विद्युतीकरण करने की योजना है। आने वाले दिनों में विद्युतीकरण कर लिया जाएगा।
तेज गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी व स्कूल का समय बदलने की मांग पालक कर रहे हैं। जिला प्रशासन व शासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। जबकि प्रदेश के कई जिलों में सुबह स्कूल का संचालन होने लगा है। लेकिन जिले में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
बालोद जिला महिला बाल विकास अधिकारी समीर पांडेय ने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण नहीं हुआ है, उन केंद्रों में विद्युतीकरण किया जाएगा। गर्मी में आंगनबाड़ी का समय बदलने का आदेश शासन से नहीं आया है। शासन से आदेश आने पर पालन किया जाएगा।