बालोद

Eye Screening : महिलाओं और बुजुर्गों के मिट गए फिंगर प्रिंट, आंख स्क्रीनिंग कर बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड

काम वाली महिलाओं, बुजुर्गों के हाथों की उंगलियां घिसने से लकीर मिट रही है। अब मशीन में फिंगर प्रिंट्स नहीं आ रहे है, जिससे आयुष्मान कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है। ऐसी महिलाओं के जिला अस्पताल में आंख स्क्रीनिंग करने वाली मशीन से आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।

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Ayushman Card : बालोद जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का काम चल रहा है। काम वाली महिलाओं, बुजुर्गों के हाथों की उंगलियां घिसने से लकीर मिट रही है। अब मशीन में फिंगर प्रिंट्स नहीं आ रहे है, जिससे आयुष्मान कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है। ऐसी महिलाओं के जिला अस्पताल में आंख स्क्रीनिंग करने वाली मशीन से आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। एक साल के भीतर लगभग 3500 लोगों का हाथ से फिंगरप्रिंट्स नहीं आया तो आंख की स्क्रीनिंग का आयुष्मान कार्ड बना चुके हैं। वहीं जिले में जिन बुजुर्गों का 70 प्लस वालों का आयुष्मान कार्ड बन गया है, वे इस योजना से इलाज करवाकर का लाभ भी ले रहे हैं।

जन आरोग्य योजना के तहत मिलेगा लाभ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएल उइके एवं जिला आयुष्मान अधिकारी कमल किशोर साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 29 अक्टूबर 2024 को देश के समस्त 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत् लाभ देने आयुष्मान वय वंदना कार्ड योजना का शुभारंभ किया। पत्रानुसार राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को योजना का लाभ दिया जाना है। इसलिए सभी के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।

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70 प्लस वाले करा सकेंगे 5 लाख का इलाज

अब 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए 5 लाख रुपए मिल रहा है। जिन बुजुर्ग का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, वे इसे जरूर बनवा लें। जिले के लगभग 29 हजार 984 बुजुर्गों को इसका लाभ मिलेगा। अभी तक 16 हजार 384 बुजुर्गों का ही नया आयुष्मान कार्ड बना है। वहीं 70 साल से कम उम्र के लोगों के आंकड़े देखें तो जिले में कुल 8 लाख 89 हजार 691 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। अभी तक 8 लाख 26 हजार 992 लोगों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। अभी 62 हजार 699 लोगों का और आयुष्मान कार्ड बनाना शेष है।

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इसलिए नहीं आते फिंगरप्रिंट्स

काम करने वाली महिलाएं दिनभर पोछा लगाना, बर्तन साफ करना, कपड़े, साफ करती हैं, जिससे फिंगरप्रिंट्स घिस रहे हैं। वहीं बुजुर्गों के हाथ की लकीरें भी उनकी बढ़ती उम्र के कारण मिट रही हैं।

यह है आयुष्मान कार्ड बनाने के आंकड़े

ब्लाक - लक्ष्य - कार्ड बने - शेष बचे
बालोद - 133770 - 130793 - 2977
डौंडी - 160558 - 143567 - 16991
डौंडीलोहारा - 213408 - 196199 - 17209
गुरुर - 153073 - 145314 - 7759
गुंडरदेही - 228882 - 211119 - 17763
कुल - 889691 - 826992 - 62699

आंकड़े 70 प्लस उम्र की

ब्लाक - लक्ष्य - कार्ड बने
बालोद - 4397 - 3186
डौंडी - 4619 - 2346
डौंडीलोहारा - 5653 - 3913
गुरुर - 5885 - 2873
गुंडरदेही - 9439 - 4840
कुल - 29984 - 16318

3500 लोगों के कार्ड बनाए जा चुके

बालोद जिला आयुष्मान अधिकारी कमल किशोर साहू ने कहा कि कई महिलाओं व बुजुर्गों की उंगलियों के निशान मशीन में नहीं आ रहे थे। उनकी आंख की स्क्रीनिंग कर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। आई स्क्रीनिंग मशीन जिला अस्पताल में उपलब्ध है। अब तक लगभग 3500 लोगों का आंख की स्क्रीनिंग कर आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में जिले की स्थिति संतोषजनक हैं।

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