बालोद

आम जनता पर चालान, सरकारी गाड़ियों को छूट! बालोद में बिना HSRP दौड़ रहे सरकारी वाहन

HSRP Rule Violation Chhattisgarh: बालोद जिले में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर दोहरे मापदंड सामने आए हैं। एक ओर बिना HSRP वाले निजी वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व समेत कई विभागों के सरकारी वाहन अब भी पुराने नंबर प्लेट के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
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Updated: 27 Jun 2026, 7:04 PM IST
HSRP Rule Violation Chhattisgarh
बिना HSRP दौड़ रहे सरकारी वाहन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

HSRP Rule Violation: देशभर में एक अप्रैल 2019 के पूर्व रजिस्टर्ड सभी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के अनुसार, शासकीय और निजी दोनों प्रकार के वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य है।

यह नियम सरकारी गाड़ियों पर भी समान रूप से लागू होता है, लेकिन जिले में शासकीय विभागों को इस नियम की परवाह नहीं है। नियम लागू हुए सालभर होने को है, लेकिन बालोद जिले में अब भी कई शासकीय गाडिय़ां पुराने नंबर प्लेट लगाए ही दौड़ रही है। पुलिस, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग समेत कई विभागों में ऐसी गाड़ियां दौड़ रही है।

चालानी कार्रवाई का नियम सब पर अलग -अलग

जिले के विभिन्न विभागों में ऐसी गाडिय़ों की भरमार है, जिसमें अब तक (एचएसआरपी) नहीं लगा है। कई गाड़ियां ऐसी हैं, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर तक नहीं है। फिर भी मरीजों को लाने-ले जाने में इसका उपयोग किया जा रहा है। विडंबना है कि आम नागरिकों के गाडिय़ों पर ट्रैफिक रूल्स तोडऩे पर धड़ाधड़ जुर्माना ठोका दिया जाता है।

वहीं इन गाड़ियों पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है या फिर सरकारी है, इसलिए नियमों का पालन नहीं करने की छूट दे दी गई है। इधर ऐसे वाहनों पर विभाग प्रमुख भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

HSRP Rule Violation: यह है नियम

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आदेशानुसार एक अप्रैल 2019 से पहले के सभी वाहनों पर एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है। 2019 के बाद पंजीकृत होने वाले नए वाहनों में यह प्लेट शोरूम से ही लगकर जा रही है। पुराने वाहनों में, जो नंबर प्लेट है, उसे भी अब एचएसआरपी में बदलना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1000 से लेकर 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

एचएसआरपी लगवा पाने में परिवहन विभाग फेल

जिले में अब तक 40 से 50 फीसदी वाहनों में ही एचएसआरपी लग पाया है। बाकी गाड़ियों में एचएसआरपी प्लेट लगवा पाने में परिवहन विभाग फेल ही नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि एचएसआरपी लगाने के लिए जिले में खोले गए अधिकांश सेंटर बंद हो चुके हैं। कैंप जैसा अभियान का भी अता-पता नहीं है।

जल्द ही एक पत्र विभागों को जारी किया जाएगा

नियम सबके लिए है, सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना है। किसी विभाग के वाहनों में नहीं लगा है तो जल्द ही एक पत्र विभागों को जारी किया जाएगा। एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने निर्देशित किया जाएगा। -योगेश भंडारी, जिला परिवहन अधिकारी बाल

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27 Jun 2026, 7:04 PM IST
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