
बालोद जिला मुख्यालय से लगे आदमाबाद में स्थित 120 साल पुराने रेस्ट हाउस का जीर्णोद्धार किया जाएगा। पर्यटन विभाग के बाद अब इस ऐतिहासिक भवन की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग ने संभाल ली है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर खनिज न्यास निधि से रेस्ट हाउस के उजड़े उद्यान को संवारने का काम शुरू कर दिया गया है। फुटपाथ को दुरुस्त किया गया है और परिसर की साफ-सफाई की जा रही है। इस पर लगभग 21 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन 4 वर्षों से खंडहर पड़े रेस्ट हाउस को उपयोग में लाने की पहल कर रहे हैं।
रेस्ट हाउस अंग्रेजों ने 1906 से 1912 के बीच तांदुला जलाशय के निर्माण के दौरान बनवाया था। तांदुला के निर्माण का निरीक्षण करने के लिए अंग्रेज इंजीनियर एडम स्मिथ यहीं से काम देखते थे। इसी उद्देश्य से गार्डन में एक टॉवर भी बनवाया गया था। अंग्रेजों के बाद मध्यप्रदेश शासनकाल से इसे शासन और पर्यटन विभाग रेस्ट हाउस के रूप में उपयोग करते आ रहे थे। यह नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों का पसंदीदा ठिकाना रहा। पर्यटन विभाग से अनुबंध के 15 साल पूरे होने के बाद इसे सिंचाई विभाग को सौंप दिया गया है।
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पिछले 4 सालों से रेस्ट हाउस जर्जर अवस्था में था। सिंचाई विभाग के अनुसार भवन की नींव और दीवारें मजबूत हैं, लेकिन छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसकी मरम्मत पर अधिक खर्च आएगा। चरणबद्ध तरीके से संवारने की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में उद्यान और परिसर को ठीक किया जा रहा है। दूसरे चरण में भवन की मरम्मत कर इसे ठहरने और घूमने लायक बनाया जाएगा।
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सिंचाई विभाग के ईई पीयूष देवांगन ने कहा कि आदमाबाद रेस्ट हाउस अब सिंचाई विभाग के अधीन है। उजड़े उद्यान की मरम्मत और साफ-सफाई कराई जा रही है। आने वाले दिनों में भवन की भी मरम्मत कराने की योजना है।
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Updated on:
11 Aug 2026 11:52 pm
Published on:
11 Aug 2026 11:51 pm
