बालोद जिले के ग्राम बेलमांड में रहने वाले पुरुषोत्तम राजपूत खुद अविवाहित होते हुए एक पिता की तरह 11 गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भरण-पोषण का खर्च उठा रहे हैं। यही नहीं अभी तक दो बेटे व एक बेटी की शादी भी करा चुके हैं। इनके पास रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चों ने कहा कि हमारे माता-पिता तो हैं लेकिन हमारी परवरिश करने वाले वे हमारे धर्म माता-पिता हैं।
Father's Day बालोद जिले के ग्राम बेलमांड में रहने वाले पुरुषोत्तम राजपूत खुद अविवाहित होते हुए एक पिता की तरह 11 गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भरण-पोषण का खर्च उठा रहे हैं। यही नहीं अभी तक दो बेटे व एक बेटी की शादी भी करा चुके हैं। इनके पास रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चों ने कहा कि हमारे माता-पिता तो हैं लेकिन हमारी परवरिश करने वाले वे हमारे धर्म माता-पिता हैं। उन्होंने हमें कभी भी अपने माता व पिता की कमी महसूस होने नहीं दी। हम इनके पास रहकर पढ़ाई करने व अपने काम करने में बहुत खुश हैं। पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा वह साल 2011 से इन बच्चों को अपने पास रखकर इनकी परवरिश कर रहे हैं। भले ही उन्होंने समाज सेवा करने के उद्देश्य से शादी नहीं की लेकिन आज उनके पास 11 बच्चे हैं।
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पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि 11 बच्चों में एक वकालत, एक संगीत की शिक्षा, तो एक मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई कर रहा है। राजपूत पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक हैं व उनका एक आयुर्वेदिक दवाई की दुकान भी है, जिसका संचालन उनके द्वारा गोद लिए बच्चे करते हैं, जिनमें पेमीन, मनीष, चितेश्वर शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि चितेश कुमार, देवकी व मनीष की शादी भी उन्होंने रीति-रिवाज से करवाई है। सभी बच्चे अपने माता-पिता की सहमति से ही पुरुषोत्तम राजपूत के पास आकर और रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक पुरुषोत्तम राजपूत के पास जो बच्चे हैं, वह सभी बच्चे मिलकर गुरु कृपा मानस मंडली का संचालन कर रहे हैं, जो गांव-गांव में जाकर रामचरित मानस की प्रस्तुति देते हैं।