बालोद

इस जिले में ऐसा क्या हुआ कि 421 पंचायतों में होने वाली हर शादी पर नजर रखने जारी किया आदेश

बाल विवाह रोकने महिला बाल विकास विभाग की तैयारी, जागरूकता अभियान चला कर रोकी जाएगी ऐसी शादियांभविष्य गर्त में।

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Apr 16, 2018

बालोद. बच्चों के भविष्य को गर्त में जाने से रोकने के लिए जिले में बाल विवाह न होने पाए इसके लिए प्रशासन कटिबद्ध है। इसकी तैयारी में विभाग लगा हुआ है। प्रचार-प्रसार के साथ जिले के ४२१ ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी कर गांवों में होने वाली शादियों पर नजर रखने कहा गया है।

जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए
ज्ञात रहे आगामी 18 अप्रैल को अक्ति (अक्षय तृतीया) को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला महिला बाल विकास विभाग को आदेश दिया है कि लोगों में ऐसी शादी के प्रति रोक लगाने जागरूक किया जाए। कहा गया है कि जिस क्षेत्र में बाल विवाह कराने का मामला ज्यादा आया था वहां जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। इसके बाद भी बाल विवाह कराते पाया जाता है, तो पंडित को भी जेल भेजा जाएगा।

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पिछले साल रुकवाई गई थी १२ नाबालिगों की शादियां
बता दें कि शिक्षा में अग्रणी बालोद जिले के लोग शिक्षित होकर भी इस मामले में अशिक्षित बने हुए हैं। वे समय से पहले बच्चों को बाल विवाह कर जीवन के झंझावातों में ढकेल देते हैं। पुलिस और महिला बाल विकास विभाग ने बीते साल 12 नाबालिगों की शादी रुकवाई थी। मामले में विभाग लगातार प्रचार-प्रसार कर रहा है, फिर भी कई नाबालिगों की शादी गुप-चुप कर दी जाती है। विभाग को पता ही नहीं चलता है। हालांकि विभाग ने गांव-गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व बाल मित्र टीम गठित कर बाल विवाह रोकने का प्रयास कर रहा है।

गुरुर ब्लॉक की स्थिति बेहद चिंताजनक
बाल संरक्षण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 12 बाल विवाह रोके गए हंै। वहीं अकेले गुरुर ब्लॉक में ही सबसे ज्यादा बाल विवाह रोके गए हैं। इस साल ही 4 बाल विवाह रोके गए हंै। वह सुदूर वनांचल क्षेत्र के हैं। इस स्थिति से महिला बाल विकास विभाग भी चिंतित हो है कि आखिर कैसे इतने बाल विवाह के आंकड़े आ रहे है हालांकि शादी होने से पहले ही नाबालिगों की शादी रोकने में विभाग सफल हुआ है। अब इन सुदूर क्षेत्रों में व्यापक प्रचार प्रसार करने की योजना बना रहा है।

दिवार लेखन के साथ गोष्ठी भी
बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार प्रसार, नारा लेखन, दीवार लेखन, बाल विवाह रोकथाम रैली, स्कूलो में निबन्ध, भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता कर विचार गोष्ठी करेंगे।
रोके गए बाल विवाह।

दूल्हा निकला नाबालिग, बारात को करना पड़ा वापस
अप्रैल 2017-18 में गुंडरदेही ब्लॉक के एक गांव में दूल्हा के सिर पर सेहरा सज गया था बाराती गाड़ी भी सज कर तैयार थी। दूल्हा हाथों में मेहंदी लगवा कर तैयार था। बारात निकलने वाली थी। अचानक महिला बाल विकास की टीम पहुंच गई और बारात ही वापस कर दी गई। बारात धमतरी जाने वाली थी। धमतरी दुल्हन पक्ष से पता चला की लड़का नाबालिग है। दोनों पक्षों को बुलाकर समझाने के बाद ही शादी रुकवाई गई।

सूचना पर रुकवाई गई थी शादी
अप्रैल 2017-18में ही गुरुर ब्लॉक के ग्राम हितेकसा में 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी कराने की तैयारी में थी जिसे मुखबिर की सूचना पर महिला बाल विकास विभाग की टीम ने रुकवाया। यहां पहले विवाद हुआ, फिर अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बुलाकर बाल विवाह के बारे में जानकारी दी। तब बाल विवाह रोका गया।

दो नाबालिग लड़कियों का भविष्य संवारा गया
गुरुर ब्लॉक के ही ग्राम नलकसा में अप्रैल में ही 17 साल की नाबालिग लड़की की शादी होने से रुकवाया गया। इसके अलावा ग्राम कपरमेटा व ग्राम चंदनबीरहि में भी नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई गई है। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी जिला जहां बाल विवाह कराने पालक ही आगे आ रहे जबकि पालकों को बाल विवाह के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।

लोगों को जागरूक भी किया जा रहा
गजानंद साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया बीते तीन साल में 12 बाल विवाह रोके गए हैं गांव-गांव में बाल विवाह रोकने टीम बनाई गई है जो कार्य कर रही है। बाल विवाह की जानकारी दे रहे है। बाल विवाह के दुष्परिणाम के बारे में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

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Published on:
16 Apr 2018 09:04 am
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