बालोद जिले में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस साल भी मरीज बढ़े हैं। हालांकि प्रदेश की बात करें तो जिले की स्थिति अन्य जिलों से बेहतर है। जिला स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में बीते साल 2 लाख 49 हजार 849 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी।
world hypertension day बालोद जिले में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस साल भी मरीज बढ़े हैं। हालांकि प्रदेश की बात करें तो जिले की स्थिति अन्य जिलों से बेहतर है। जिला स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में बीते साल 2 लाख 49 हजार 849 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी। 38 हजार 362 में मरीजों में हाइपरटेंशन पॉजिटिव पाया गया। उनका विशेष इलाज चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है। राहत भरी बात यह है जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 4800 मरीजों का बेहतर इलाज कर हाइपरटेंशन से मुक्त कर दिया है। हाइपरटेंशन को हाई ब्लड प्रेसर भी कहते हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप मेश्राम ने बताया कि हाइपरटेंशन यानी बीपी के मरीज बढऩे का कारण गलत खानपान व अनियमित दिनचर्या भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी जीवन शैली सुधार कर काम करें तो इससे लाभ मिलेगा।
चिकित्सकों के मुताबिक घर में कोई भी सदस्य हाइपरटेंशन का शिकार है तो यह तय माना जाता है कि परिवार के किसी न किसी सदस्य को हाइपरटेंशन होगा। एक दिन में सौ मरीज में से औसतन 40 में बीपी की शिकायत रहती है। इस कारण स्ट्रोक, हार्ट संबंधी बीमारियां और किडनी की खराबी के मामले सामने आ रहे हैं।
जिस व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 140/90 है तो उसे हाईब्लड प्रेशर कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब लाइफ स्टाइल, खराब खानपान आहार व तनाव मूल रूप से हाई ब्लड प्रेशर का कारण है। अधिक समय तक यह स्थिति रही तो यह घातक साबित हो सकता है।
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ब्लॉक - कुल जांच - इलाज चल रहे मरीज
बालोद - 35,379 - 9668
डौंडी - 41,778 - 4629
डौंडीलोहारा - 55,917 - 7458
गुंडरदेही - 73,473 - 10,377
गुरुर - 43,302 - 6229
कुल - 2,49849 - 38,361
हार्ट व किडनी संबंधित बीमारी ज्यादा होता है। वहीं हाइपरटेंशन से बचने के लिए व्ययाम करें, तम्बाकू का सेवन न करें, शराब न पिएं, संतुलित आहार लें, वजन सामान्य रखे।
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हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर। ये गंभीर चिकित्सा स्थिति है, जो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल और अंधेपन के जोखिम को बढ़ाता है। यह दुनियाभर में समय से पूर्व होने वाली मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। हाइपरटेंशन के मुख्य कारण में खराब खान-पान, व्यायाम न करना, शराब और तंबाकू का सेवन करना माना जाता है। कई मामलों में हाइपरटेंशन जेनेटिक भी होता है। माता-पिता या किसी अन्य ब्लड रिलेशन से व्यक्ति तक पहुंचता है। कई बार इसका संबंध हार्मोंस से होता है, हालांकि कुछ मामले ऐसे भी होते हैं, जिनमें हाइपरटेंशन का कोई कारण समझ नहीं आता है।