
रायपुर में रसोइयों की हड़ताल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG Rasoiya Protest News: जिलेभर के स्कूल के रसोइया एक माह से अपनी मांगों को लेकर रायपुर में प्रदर्शन कर रहे हैं। इन रसोइयों के आंदोलन पर सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है। इधर स्कूली बच्चे घर से टिफिन लाने को मजबूर हैं। वहीं जिले के ग्राम कुसुमकसा निवासी रसोइया रुखमणी बाई (46) का स्वास्थ्य रायपुर स्थित तुता मैदान में धरना प्रदर्शन के दौरान खराब हो गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे देवेंद्र ने बताया कि उनकी मां रायपुर में चल रही हड़ताल में 20 से 22 जनवरी तक शामिल हुई। लेकिन 23 जनवरी को अचानक उनका स्वास्थ खराब हो गया और उन्हें घर लौटना पड़ा। हालत खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य में किसी प्रकार का सुधार नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल से राजनांदगांव के अस्पताल में ले गए, जहां 26 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक मृतका के पति की मौत 10 साल पहले हो गई थी। यह परिवार निर्धन है। अब घर की जिम्मेदारी बेटे देवेंद्र पर आ गई है।
संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश सोनवानी ने बताया कि धरना स्थल पर जो स्थिति है, वह सोचनीय है। धरना स्थल पर पानी की सुविधा नहीं है। यहां बीमार होना तय है। सरकार हमारी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है, लेकिन हमारी मांगें जायज हैं और आंदोलन जारी रहेगा।
मध्याह्न भोजन रसोइया संघ के संरक्षक प्रमोद यादव ने बताया कि सरकार खुद जानती है कि स्कूलों में भोजन बनाने वाले रसोइया कितनी तकलीफ में हैं। इसके बाद भी वह ध्यान नहीं दे रही है। सरकार समय पर हमारी मांगों को पूरा कर देती तो हमें किसी प्रकार के आंदोलन की जरूरत नहीं रहती। आंदोलन स्थल पर सिर्फ परेशानी ही है। हमारे संघ की सदस्य रुखमणी भी आंदोलन में भाग लेने आई थी। स्वास्थ्य खराब हो गया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
Published on:
29 Jan 2026 01:30 pm

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