बालोद

तांदुला जलाशय के मुख्य गेट में लीकेज, मरम्मत के बाद भी हो रहा रिसाव

बालोद जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला के मुख्य गेट पर लीकेज हो गया है। इससे जलाशय से रोज हजारों लीटर पानी बाहर निकल रहा है।

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Leakage in the main gate of Tandula reservoir बालोद जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला के मुख्य गेट पर लीकेज हो गया है। इससे जलाशय से रोज हजारों लीटर पानी बाहर निकल रहा है। जलाशय से भिलाई स्टील प्लांट के लिए पानी छोड़ा गया था। जब गेट को बंद किया गया तब पता चला की गेट ठीक से बंद नहीं हो रहा है। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी ने इसकी जानकारी उच्च अधिकारी को दी।

पानी को नदी में छोड़ा जा रहा

शुक्रवार को तांदुला के इस मुख्य गेट की मरम्मत करने टीम आई। मरम्मत के बाद भी लीकेज पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। हालांकि पानी का रिसाव कम हुआ है। निकल रहे पानी को तांदुला नदी में छोड़ा गया है। जलाशय लबालब भरा है। ऐसे में पानी का दबाव भी ज्यादा है।

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कुछ साल पहले जलाशय खाली कर बनाया था मुख्य गेट

जबसे तांदुला जलाशय बना है, तब से पहली बार तांदुला को 2021-22 में खाली कराया गया था। मुख्य गेट काफी खराब हो गया था, जिसे बदलने खाली कराया गया था। मुख्य गेट की मरम्मत के कुछ साल बाद फिर से लीकेज होने लगा है।

कही ज्यादा परेशानी न हो, इसलिए रोज मांग रहे रिपोर्ट

तांदुला के मुख्य गेट में रिसाव होने से सिंचाई विभाग चिंतित है, लेकिन दावा भी कर रहा है कि जल्द गेट को पूरी तरह से ठीक कर लिया जाएगा। सिंचाई विभाग आदमाबाद के कर्मचारियों से रोज गेट के बारे में जानकारी मांगी जा रही है।

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तांदुला को छलकने 3 फीट पानी की जरूरत

मानसून सीजन में तांदुला जलाशय में जलभराव की स्थिति अच्छी है। यहां लगभग 35.50 फीट जलभराव हो चुका है। जलाशय को छलकने के लिए लगभग 3 फीट और पानी चहिए। एक बार अच्छी बारिश हो जाए तो तांदुला छलक जाएगा। लोग भी इंतजार कर रहे हैं।

उलट दीवार पर मनाही के बाद भी चल रहे पर्यटक

जलाशय लबालब भरा है। तांदुला की खूबसूरती को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंच रहे हैं। कई पर्यटक लापरवाही भी बरत रहे हैं। मनाही के बाद भी जलाशय के उलट दीवार पर चल रहे हैं, जो पर्यटकों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

मरम्मत के बाद रिसाव कम हुआ

सिंचाई विभाग के ईई पीयूष देवांगन ने कहा कि तांदुला जलाशय गेट में हो रहे रिसाव के बाद मरम्मत कराई गई है। काफी हद तक रिसाव कम हुआ है।