धान खरीदी के अंतिम दिन तक एक लाख 47 हजार 876 किसानों ने ही धान बेचा, जो 95.89 प्रतिशत है।
Paddy purchase 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुई, जो 31 जनवरी को बंद हो गई। इस साल जिले की 122 सेवा सहकारी समितियों के 143 खरीदी केंद्रों में धान की खरीदी हुई।
धान खरीदी समाप्ति के बाद समिति प्रभारियों ने राहत की सांस ली है। इस बार लक्ष्य के मुताबिक कम धान खरीदी हुई है। इस बार एक लाख 54215 किसानों ने पंजीयन कराया था। अंतिम दिन तक एक लाख 47 हजार 876 किसानों ने ही धान बेचा, जो 95.89 प्रतिशत है। 6339 किसानों ने पंजीयन के बाद भी अपना धान नहीं बेचा।
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रकबे के हिसाब से बालोद जिले का 83 लाख क्विंटल धान खरीदी लक्ष्य था। अंतिम कार्य दिवस तक 75 लाख 63132.40 क्विंटल खरीदी हुई। वहीं धान का उठाव मिलर को 3601050.30 क्विंटल और संग्रहण केंद्र को 19 लाख 64 हजार 401.75 क्विंटल जारी किया गया है। उपार्जन केंद्रों पर 19 लाख 97 हजार 680.26 क्विंटल धान रखा हुआ है।
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धान खरीदी तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन धान का परिवहन करना अभी भी बाकी है। जिले के धान खरीदी केंद्रों में 19 लाख क्विंटल से अधिक धान जाम है।
धान खरीदी केंद्रों में धान जाम है। धान का उठाव तेजी से नहीं किया गया तो सूखत का खतरा भी हो सकता है। फिलहाल अब धान का परिवहन में तेजी आने की उम्मीद है।