बालोद

फर्जी दस्तावेज से नियमों की खुली धज्जियां! बोर खनन के लिए SDM के नाम से बनाया Fake Letter, जांच के बाद FIR के आदेश

Fake SDM letter case: बालोद जिले के गुंडरदेही में एसडीएम के नाम से फर्जी अनुमति पत्र बनाकर बोर खनन कराने का मामला सामने आया है।

2 min read
Apr 17, 2026
फर्जी दस्तावेज से नियमों की खुली धज्जियां!(photo-patrika)

Fake SDM letter case: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र में बोर खनन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एसडीएम के नाम से नकली अनुमति पत्र तैयार कर बोर खनन कराए जाने का मामला उजागर हुआ है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

SDM के नाम से तैयार किया गया फर्जी लेटर

जानकारी के अनुसार, फर्जी दस्तावेज में शासकीय कार्यालय की नकली सील, हस्ताक्षर और आवक-जावक क्रमांक तक अंकित किया गया था, ताकि यह पूरी तरह असली प्रतीत हो। इस लेटर का उपयोग कर बोर खनन कराया गया। मामले में ग्राम गोड़ेला निवासी जनक लाल साहू पर फर्जी अनुमति पत्र तैयार करने का आरोप है। प्रशासन को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी गई।

जनक लाल साहू पर आरोप, जांच शुरू

गौरतलब है कि शासन द्वारा बिना अनुमति किसी भी प्रकार के बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। विशेष परिस्थितियों में ही एसडीएम कार्यालय से अनुमति दी जाती है, वह भी विस्तृत जांच के बाद। ऐसे में फर्जी अनुमति पत्र का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जा रहा है।

SDM ने दिए FIR दर्ज करने के निर्देश

मामले में Pratima Thakre ने स्पष्ट किया कि संबंधित पत्र पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने थाने में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। SDM ने कहा कि न तो पत्र पर लगी सील उनके कार्यालय की है और न ही हस्ताक्षर असली हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने 5 अप्रैल की तारीख का उपयोग करते हुए फर्जी अनुमति पत्र के आधार पर बोर खनन कराया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से किया गया।

प्रशासन सख्त, आगे और कार्रवाई संभव

इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में गहराई से जांच की जाएगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी दस्तावेज बनाकर शासकीय अनुमति का दुरुपयोग करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था को भी चुनौती देने जैसा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से ही इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

Updated on:
17 Apr 2026 12:42 pm
Published on:
17 Apr 2026 12:41 pm
Also Read
View All