
Chhattisgarh Child Accident: बालोद जिस घर में तीज पर्व की तैयारी चल रही थी, उसी घर की खुशियां एक पल में चीख-पुकार और मातम में बदल गई। बालोद जिले के रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम झोपरा में आंगन में खेल रहा ढाई साल का मासूम देखते ही देखते मौत के गड्ढे में समा गया। मासूम की मौत से गांव सदमे में है और हर आंख नम है।
मृतक मासूम का नाम रुद्राक्ष नेटी था। दोपहर में वह अपने घर के आंगन में खेल रहा था। मां घर के काम में व्यस्त थी। खेलते-खेलते रुद्राक्ष घर से कुछ ही दूरी पर बने घुरवा (कम्पोस्ट पिट) की ओर चला गया। बरसात के पानी से लबालब भरे उस गहरे गड्ढे में उसका पैर फिसला और वह पानी में जा गिरा। जब तक परिजनों की नजर उस पर पड़ी, तब तक उनका लाड़ला हमेशा के लिए खामोश हो चुका था।
गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। घटना की सूचना पर रनचिरई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कर मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक ग्रामीण की लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली। गांव के ही एक व्यक्ति ने घर के पास बिना किसी घेरा और बिना ढक्कन के गहरा गड्ढा खोद दिया था। उन्होंने उससे कहा था कि गड्ढे को ढक दो या चारों तरफ बाड़ी लगा दो, यहां छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं, कभी भी अनहोनी हो सकती है। लेकिन उसने एक नहीं सुनी। आज उसी अनदेखी ने एक मां की गोद सूनी कर दी।
रनचिरई पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों के साथ ही गड्ढा किसने और किस उद्देश्य से बनाया था, उसकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम थे और हादसे के समय मासूम वहां तक कैसे पहुंचा, जैसे बिंदुओं की भी जांच कर सकती है। ढाई साल के मासूम की मौत ने एक बार फिर घरों और बस्तियों के आसपास खुले गहरे गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल रुद्राक्ष की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में भी शोक का माहौल है।