
तीजा मानने जाने बस स्टैंड पर बैठी महिलाएं (Photo Patrika)
Chhattisgarh News: तीज पर मायके आई बेटियों को कपड़े, मिठाई और उपहार देने की परंपरा तो पुरानी है, लेकिन ग्राम टिकरी (अर्जुंदा) इस बार अपनी बेटियों को ‘सुरक्षा का नेग’ देने जा रहा है। रविवार को यहां तीज मनाने पहुंचीं करीब एक हजार बेटियों का एक-एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कराया जाएगा। पीहर महोत्सव समिति और मिशन अनमोल मुस्कान की इस पहल की तैयारी पूरी कर ली गई है। टिकरी में तीज केवल त्योहार नहीं, बल्कि गांव की बेटियों को एक साथ जोडऩे का उत्सव बन चुका है।
यहां वर्ष 2012 से पीहर महोत्सव आयोजित हो रहा है। तीजहारीन महिलाओं के सहयोग से वर्ष 2018 में प्रदेश का पहला ‘पीहर धाम’ भी बनाया गया। पूर्व सरपंच एवं मिशन अनमोल मुस्कान के प्रमुख रितेश देवांगन और पीहर महोत्सव संयोजिका ललिता देवांगन के नेतृत्व में आयोजन किया जा रहा है। खेल-संस्कृति के बीच भरे जाएंगे बीमा फॉर्मरविवार दोपहर से महिलाओं के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शाम को करीब एक हजार तीजहारीन महिलाओं से दुर्घटना बीमा के फॉर्म भरवाए जाएंगे।
रात में सभी महिलाएं परंपरानुसार करूभात खाएंगी और सोमवार को निर्जला व्रत रखेंगी।अनुसुईया बाई की स्मृति में 51 हजारपीहर धाम से एक भावुक कहानी भी जुड़ी है। गांव की बेटी अनुसुईया बाई ने सबसे पहले ऐसा धाम बनाने का विचार रखा था। महिलाओं की सहमति के बाद यह सपना साकार हुआ। पिछले वर्ष तीज उत्सव में शामिल होने के करीब 15 दिन बाद अनुसुईया का निधन हो गया। अब उनकी स्मृति में परिवार ने पीहर धाम के लिए 51 हजार रुपए का सहयोग दिया है।
रितेश देवांगन बताते हैं कि पीहर महोत्सव का उद्देश्य गांव की बेटियों और बहनों को सम्मान और खुशी देना है। इसी सोच के तहत इस बार बीमा की पहल की गई है। इससे पहले अनमोल मुस्कान अभियान के तहत गांव के 10 लोगों को स्वयं के खर्च पर पहली बार हवाई यात्रा कराकर जगन्नाथपुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी कराए गए थे।
Updated on:
13 Sept 2026 03:35 pm
Published on:
13 Sept 2026 02:48 pm
