
Chhattisgarhi Festivals : हरितालिका तीज को लेकर महिलाओं में उत्साह है। रविवार को महिलाएं करूभात खाने के बाद पति की लंबी उम्र के लिए 24 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी। पर्व के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं ससुराल से मायके लौट रही हैं। इससे ट्रेनों और बसों में भारी भीड़ है। बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है। कई यात्री खड़े होकर और गेट पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
बस स्टैंड में सामान्य दिनों की तुलना में महिला यात्रियों की आवाजाही दोगुनी हो गई है। भीड़ का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों पर पड़ रहा है। अगले दो दिन भी इसी तरह भीड़ रहने की संभावना है।
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बसों में यात्रियों को ठूंसकर ले जाने की स्थिति ऐसे समय में है, जब जिले में पहले भी गंभीर बस हादसे हो चुके हैं।
बस स्टैंड पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। पहले लगे सीसीटीवी कैमरे खराब होने के बाद करीब दो साल से हटे हुए हैं। नगर पालिका ने पिछले साल रंग-रोगन कराया, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए पुलिस टीम की भी नियमित व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका ने पुलिस सहायता केंद्र शुरू किया, लेकिन विगत माह से ताला लगा है।
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भानुप्रतापपुर की यात्री मोनिका साहू ने कहा कि बस स्टैंड अच्छा है, लेकिन इसे और व्यवस्थित करने की जरूरत है। प्रसाधनों की नियमित सफाई होनी चाहिए।
दुर्ग की यात्री तृप्ति सोनी ने कहा कि त्योहार पर भीड़ होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रसाधनों की सफाई और बसों में क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
जिला परिवहन अधिकारी, बालोद योगेश भंडारी ने कहा कि बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं और यातायात नियमों का पालन करें। सभी बस संचालकों को सावधानी से वाहन चलाने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों की फिटनेस की समय-समय पर जांच भी की जाती है।
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Updated on:
12 Sep 2026, 11:54 PM IST
Published on:
12 Sep 2026, 11:53 PM IST
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