बालोद

डेढ़ साल से टंकी सूखी, ग्रामीण खरीद कर पी रहे पानी

बालोद जिले में अधिकारी कलेक्टर के निर्देश को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। शायद कलेक्टर के निर्देशों का पालन अधिकारियों को नहीं करना है।

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बालोद जिले में अधिकारी कलेक्टर के निर्देश को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। शायद कलेक्टर के निर्देशों का पालन अधिकारियों को नहीं करना है। दरअसल इन दिनों भीषण गर्मी है और पेयजल समस्या भी गहरा गई है। बीते दिनों बालोद विकासखंड के ग्राम खपरी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत पोंडी के आश्रित ग्राम खैरवाही में पानी टंकी निर्माण होने के लगभग डेढ़ साल बाद भी पानी टंकी से पानी सप्लाई नहीं होने की शिकायत ग्राम पंचायत सरपंच दिनेश्वरी साहू व जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया ने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा से की थी।

जलस्त्रोत नहीं मिलने से सूख गया बोर

इस शिकायत पर कलेक्टर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि तीन दिन के भीतर खैरवाही में पानी टंकी से पानी सप्लाई कराएं व ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करें। पीएचई विभाग को दिए गए निर्देश को आज लगभग 11 दिन बीत गए पर यहां न अधिकारी आए और न ही ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी टंकी से पानी मिल रहा है। पेयजल समस्या से इस गांव के लगभग 600 से अधिक लोग परेशान हैं। दरअसल यहां पानी सप्लाई के लिए बोर खनन किया गया था पर जलस्त्रोत नहीं मिलने से बोर सूख गया। वहीं दूसरा बोर कराने आज तक विभाग ने ध्यान ही नहीं दिया।

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गांव में पेयजल की किल्लत, अधिकारियों को नहीं मतलब

दरअसल ग्राम खैरवाही में गर्मी के दिनों में विगत दो वर्षों से पानी की बहुत ज्यादा समस्याएं हो रही हैं। वर्तमान में पेयजल की व्यवस्था जिस बोर से की जा रही है। उसे अपर्याप्त बताया जा रहा है। कई बार पीएचई विभाग को इसकी सूचना देने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों की समस्या देखकर अधिकारी भी मस्त हैं।

जब पानी नहीं दे सकते तो पानी टंकी का क्यों कराया निर्माण

ग्राम खैरवाही के ग्राम प्रमुख सुरेश नेताम ने कहा कई गांवों में पानी टंकी से पानी की सप्लाई भी हो रही है लेकिन यहां तो परेशानी ही परेशानी है। जब पीएचई विभाग को पानी की सप्लाई ही नहीं करनी है तो पानी टंकी का निर्माण ही क्यों करवाया गया। ग्रामीणों को कितनी परेशानी हो रही है। इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है। सरपंच दिनेश्वरी साहू ने कहा उन्होंने पेयजल समस्या दूर करने पीएचई विभाग से गुहार लगाई है। जनसमस्या निवारण शिविर में भी आवेदन देने के बाद कलेक्टर ने साफ कहा था कि जल्द से जल्द यहां समस्याओं का निराकरण करें लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।

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पीएचई विभाग के ईई नहीं करते कॉल रिसीव

इस संबंध में पीएचई विभाग के ईई सागर वर्मा से कई बार मोबाइल से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन वे कॉल रिसीव ही नहीं करते।

रीवागहन में 200 रुपए में पानी खरीदकर बुझा रहे हैं प्यास

जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के 1500 की अबादी वाले ग्राम रीवागहन के ग्रामीण इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्योंकि इस गांव की पानी टंकी में पानी नहीं पहुंच रहा क्योंकि बोर सूख गए हैं। नतीजा यह है कि यहां के ग्रामीण एक किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं तो कई ग्रामीण 200 रुपए महीना देकर गांव के निजी बोर से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। ग्रामीण तोमन लाल के मुताबिक गांव में गंभीर पेयजल समस्याओं को लेकर पीएचई विभाग को भी ज्ञापन के माध्यम से सूचना दी जा चुकी है। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान करने की बजाए अधिकारी शांत बैठे हुए हैं।

जनसमस्या निवारण शिविर में नहीं होता समस्याओं का निवारण

ग्राम पंचायत रीवागहन के सरपंच विजय कुमार ने बताया कि गांव की समस्याओं को लेकर उन्होंने बीते दिनों आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भी आवेदन दिया था लेकिन आज तक पीएचई विभाग ने किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लगभग सभी हैंडपंप सूख गए हैं। गांव की इस समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग को गंभीरता बरतनी चाहिए।

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