
Petrol Pump in Rajasthan File PIC
बालोद जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी बरकरार है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में इतना भी ज्यादा पेट्रोल की कमी नहीं है, जिससे स्थिति गंभीर हो। शुक्रवार की स्थिति में जिला मुख्यालय के बस स्टैंड स्थिति पेट्रोल पंप में पेट्रोल -डीजल के लिए वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिली। पेट्रोल व डीजल के 10-10 हजार लीटर टैंकर से लाए गए थे। सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक 6 घंटे में ही पेट्रोल व डीजल का स्टॉक खत्म हो गया। हालांकि शाम को और स्टॉक उपलब्ध होने के बाद पेट्रोल-डीजल दिया गया। पेट्रोल पम्प के संचालक संतोष कुमार ने बताया कि मोटरसाइकिल में अधिकतम 500, कार में अधिकतम 2000 व मालवाहकों में अधिकतम 5 हजार रुपए तक का पेट्रोल-डीजल दिया गया।
जिले के पेट्रोल पम्प में 3-3 रुपए महंगा हो गया है। लोग मूल्य बढऩे के बाद भी पेट्रोल-डीजल के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी पेट्रोल पम्प में गैलन, डिब्बे व बोतल में पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। लोग काफी परेशान हैं। कब तक स्थिति सामान्य होगी, यह भी ठीक से जिम्मेदार नहीं बता पा रहे हैं।
यह भी पढ़ें :
अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि जिले में पेट्रोल डीजल की कमी तो है, लेकिन उतना नहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से मात्र 15 ही पेट्रोल पंप में ड्राई की स्थिति है। बाकी सब ठीक है। जरूरत के अनुसार पेट्रोल डीजल दिया जा रहा है।
जिले में खरीफ सीजन की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में खेती किसानी के लिए डीजल की आवश्यकता होती है। वर्तमान में स्थिति यह है पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े हैं, लेकिन डीजल की कमी के चलते कृषि कार्य आने वाले समय में प्रभावित व पिछड़ सकता है।
पेट्रोल पम्प में यह भी देखने को मिला कि कई लोग तो पेट्रोल डीजल लेकर गए, लेकिन फिर वापस आ गए। जिससे कालाबाजारी की भी आशंका है। हालांकि पेट्रोल पम्पों में पुलिस की भी तैनाती व्यवस्था संभालने लगाई हुई है। पम्प संचालकों का कहना है डिपो से पेट्रोल डीजल की सप्लाई होती है तो सुचारू रूप से किया जाएगा। फिलहाल लोगों को संयम बरतने की जरूरत है।
संबंधित विषय:
Updated on:
15 May 2026 11:50 pm
Published on:
15 May 2026 11:50 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
