नगर पालिका बालोद अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने 1 लाख 2 हजार रुपए लाभ का बजट पेश किया। तांदुला नदी को व्यवस्थित करने 20 लाख की राशि सुरक्षित की।
बालोद. नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बुधवार को अपने अध्यक्षीय कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। उन्होंने 25 करोड़, 81 लाख, 10 हजार के बजट को हर वर्ग के लिए लाभकारी बताते हुए पालिका को 1 लाख 2 हजार रुपए लाभ दिलाने का दावा किया है।
इसमें कुल खर्च 25 करोड़, 80 लाख, 8 हजार, वास्तविक आय 2 करोड़ 95 लाख आय दर्शाया है। इस बजट में खास बात ये रही कि तांदुला नदी को बचाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। सदन ने नगर पालिका के इलाके की नदी भाग को व्यवस्थित करने के लिए 20 लाख की राशि सुरक्षित की है।
माली हालत देख योजनाएं पूरी होने में है संदेह
इधर पालिका की माली हालात को देखते हुए बजट में शामिल घोषनाएं पूरी हो पाएगी कि नहीं इस पर लोगों को संदेह है। वहीं विपक्षी पार्षदों ने बजट सत्र के दौरान सदन के अंदर बजट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सदन के बहार जाते ही बजट को छलावा बताया और बजट प्रपत्र को फाड़ कर कचरा पेटी में डाल दिया।
जाने बजट में क्या है खास
पालिका ने बजट में प्रमुखता से पहला काम तांदुला नदी का उत्थान करना बताया।
आवश्यकता अनुसार नए मुक्तिधाम का निर्माण।
ठेला, रिक्शा श्रमिकों के लिए शेड का निर्माण।
नगर के विभिन्न वार्डों में आरसीसी नाली व सीसी रोड का निर्माण।
महिला घाट उन्नयन
सर्वाजनिक मंच का उन्नयन।
पथ विक्रेताओं के लिए बाजार विकास।
शहीद स्मारक में शेड निर्माण।
मृत पशुओं को तत्काल उठाने की सुविधा।
प्यासे पशुओं के लिए कोटना की व्यवस्था।
वार्डों के लिए सूचना बोर्ड।
पुष्प वाटिका का निर्माण।
सार्वजनिक प्याऊ का अधुकीकरण।
पानी टंकियों का संधारण।
सीनियर सिटीजन के लिए मनोरंजन की सुविधा।
बाल मंदिर का आधुनिकी करण।
युवाओं को खेल प्रोत्साहन।
गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने बनाएं फिल्टर प्लांट, अध्यक्ष बोले अच्छा सुझाव
बजट बैठक में नगर पालिका के विपक्षी पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष से कहा नगर के घरों से निकलने वाले गंदे पानी को नदी में जाने रोका जाए। इसके लिए नगर में फिल्टर प्लांट का निर्माण करने बजट में इस विषय को रखा जाए। इस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा सुझाव अच्छे हैं, इस विषय पर नगर पालिका फिल्टर प्लांट के लिए प्रस्ताव शासन को भेजेगी। इसके लिए जमीन चाहिए, पर यहां तो निर्माण शुरू कराओ तो आपत्ति लग जाती है कि यह जमीन नगर पालिका की नहीं है। यही नहीं तांदुला नदी के साथ नगर के विभिन्न तालाबों की स्थिति देख उनकी मरम्मत पर भी विचार किया गया।