पुलिस के द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठी डंडे से घसीटकर मारने का असर बुधवार को पूरे प्रदेश के साथ ही साथ बलौदाबाजार में भी देखा गया
बलौदाबाजार. बिलासपुर में कांग्रेस के पदाधिकारियों महिला एवं पुरुष कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस भवन में घुसकर पुलिस के द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठी डंडे से घसीटकर मारने का असर बुधवार को पूरे प्रदेश के साथ ही साथ बलौदाबाजार में भी देखा गया। बुधवार को बिलासपुर में कांग्रेसियों की बर्बरतापूर्वक पिटाई के चलते कांग्रेस नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश रहा तथा लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की जमकर निंदा की।
बिलासपुर में पुलिस के द्वारा की गयी बर्बतापूर्वक पिटाई में दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनके विरोध में बुधवार को बलौदाबाजार जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश यदु के नेतृत्व में जिला मुख्यालय के अंबेडकर चौक में पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था के बावजूद मुख्यमंत्री रमन सिंह का पुतला दहन किया गया। बड़ी संख्या में जिले भर से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा चौक के चारों तरफ घूम-घूमकर नारेबाजी करते रहे। भारी खींचतान और झूमाझटकी के बावजूद आखिरकार कांग्रेसियों ने पुतला जलाने में सफलता हासिल कर ली।
पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अंग्रेजों की तरह डंडे की दम पर दमनकारी नीति चला रही है। पुलिस ने कांग्रेस भवन में घूसकर महिलाओं तक को डंडे से प्रहार किया गया। पुतला दहन कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याभूषण शुक्ला, पूर्व सांसद पीआर खुंटे, नगर पालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल, रुपेश ठाकुर, तुलसी वर्मा, धीरज बाजपेयी, हितेन्द्र ठाकुर, मोती वर्मा, सुशील शर्मा, समीर अग्रवाल, गोपी साहू, मनोज जैन, सुखदेव साहू सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
नवापारा-राजिम ञ्च पत्रिका. बिलासपुर में कांग्रेसियों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज के विरोध में दोपहर गोबरा नवापारा में कांग्रेसियों द्वारा नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल का पुतला फूंका गया। कांग्रेसियों द्वारा नगर के प्रवेश द्वार पं. दीनदयाल उपाध्याय चौक पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व अमर अग्रवाल के विरोध में नारेबाजी की गई, फिर अमर अग्रवाल के पुतले पर जूते बरसाते हुए उसे आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेसियों की पुतले को लेकर पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी भी हुई, लेकिन आखिरकार कांग्रेसी पुतला फूंकने में कामयाब रहे।