बलोदा बाज़ार

कुत्ते को खिलाया चूहा मारने की दवा, सफल हुआ तो बारी-बारी से की 8 हत्याएं, कसडोल हत्याकांड का खुला राज

Chhattisgarh Murder Mystery: कसडोल में तीन महीने में हुई 8 हत्याओं का सच सामने आ गया है। आरोपी ने चूहा मारने की दवा देकर बारी-बारी से मर्डर की वारदात को अंजाम दिया। बताया कि पहले कुत्ते को मारा फिर..

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8 लोगों की हत्या के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh Crime News: बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम पुराना खर्वे में हुए 8 मौतों पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल (46) को गिरफ्तार कर इस 8 हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गांव में ही पुरानी रंजिश, विवाद, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के शक में एक-एक कर 8 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने शराब में “सुहागा” नामक जहर मिलाकर वारदातों को अंजाम दिया। बताया कि पहले कुत्ते को मारा फिर बाारी बारी से 8 लोगों को मौत की नींद सुला दी।

Chhattisgarh Murder Mystery: 7 शवों को कब्र से निकाला

मामले का खुलासा तब हुआ जब 6 जून को ग्रामीणों ने फरवरी से मई के बीच 8 लोगों की संदिग्ध मौतों की शिकायत प्रशासन और पुलिस से की। ग्रामीणों ने रामसहाय पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने सभी मामलों की गहन जांच शुरू की। 7 शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि एक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था।

चूहा मारने की दवा के नाम पर खरीदा था जहर

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने गांव में “चूहा मारने की दवा” के नाम पर सुहागा जहर खरीदा था। (Chhattisgarh Murder Mystery) तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के दबाव में आरोपी टूट गया और उसने सिलसिलेवार हत्याओं की बात कबूल कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी लोगों को मारने के बाद लोगों के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भी जाता था, वहीं चेहरे पर ना डर किसी तरह का व हाव भाव नजर ही नहीं आता था। बेफ्रिक होकर लोगों के दुख में शामिल हो जाता था। जिसके चलते लोगों को भी शक नहीं होता था। वहीं जब मामले का खुलासा हुआ तो लोग भड़क उठे। आज पुलिस जब क्राइम सीन पर पहुंची तो लोग आरोपी को गाली देने लगे।

पहले कुत्ते पर किया जहर का परीक्षण

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सबसे पहले जहर का परीक्षण एक श्वान पर किया। सफल होने के बाद उसने 6 फरवरी को पहली हत्या की। आरोपी शराब में सुहागा मिलाकर अपने परिचितों को पिलाता था और मौत को सामान्य बीमारी या अत्यधिक शराब सेवन जैसा दिखाता था।

एक की बची जान

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने 8 मर्डर करने में सफल हो गया है। इसके अलावा आरोपी ने कार्तिक नामक युवक को भी जहर मिली शराब पिलाई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। इस मामले को हत्या के प्रयास में शामिल किया गया है। वहीं आरोपी के खिलाफ कुल 9 अपराध दर्ज किए है।

पुलिस जांच में खुली परत-दर-परत साजिश

पुलिस ने बताया कि आरोपी हर वारदात के बाद सामान्य व्यवहार करता रहा, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। लगातार मौतों के बावजूद गांव में इसे सामान्य घटनाएं माना जाता रहा। तकनीकी जांच, ग्रामीणों से पूछताछ और आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। आरोपी के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच अभी जारी है। इस बहुचर्चित हत्याकांड के खुलासे में रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देशन, एसपी ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक, निरीक्षक प्रवीण मिंज और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की टीम की अहम भूमिका रही।

इस तरह एक-एक कर की गईं हत्याएं

  • 6 फरवरी: बद्री की हत्या, गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने की रंजिश।
  • 20 फरवरी: बुठालू की हत्या, चुनावी विवाद और समाज को गाली देने का बदला।
  • 12 मार्च: छत्तूराम की हत्या, पत्नी पर बुरी नजर रखने के शक में।
  • 20 मार्च: बुधराम की हत्या, जमीन विवाद और सामाजिक रंजिश।
  • 31 मार्च: विनोद कुमार की हत्या, लगातार अपमान और गाली देने से नाराजगी।
  • 28 अप्रैल: गजानंद की हत्या, टोना-टोटका करने के शक में।
  • 29 अप्रैल: चैतूराम की हत्या, 50 हजार रुपये के कर्ज और ब्याज से छुटकारा पाने के लिए।
  • 14 मई: महेतरू राम की हत्या, पुराने चुनावी विवाद और तानों का बदला।
Updated on:
23 Jun 2026 04:35 pm
Published on:
23 Jun 2026 04:33 pm