
Kasdol Death Mystery: बीमारी या साजिश? 6 कब्रें और खुलीं(photo-patrika)
Kasdol Death Mystery: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में हुई 8 संदिग्ध मौतों का मामला अब जांच के दायरे में है। पिछले कुछ महीनों में लगातार हुई मौतों से गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मौतों के कारणों पर सवाल उठाते हुए पुलिस और प्रशासन से जांच की मांग की। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की और दफन किए गए शवों को निकालकर फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया है।
ग्रामीणों के संदेह के बाद प्रशासन की अनुमति से दफन किए गए शवों को कब्र से बाहर निकाला गया। रविवार को भारी पुलिस बल, एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में 6 शव निकाले गए। इससे पहले एक शव को भी बाहर निकालकर जांच के लिए भेजा जा चुका है। सभी शवों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, गांव में फरवरी से मई के बीच 8 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 7 शवों को दफनाया गया था, जबकि एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार हो चुका था, इसलिए उसका परीक्षण नहीं किया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि एक के बाद एक हुई मौतों से गांव में डर का माहौल बन गया था।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ये मौतें सामान्य नहीं हैं। कुछ लोगों ने अवैध शराब में जहरीले पदार्थ मिलाए जाने की संभावना भी जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी तरह की साजिश या कारण की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
मामले में ग्रामीणों ने गांव के एक किराना व्यापारी की गतिविधियों पर भी संदेह जताया है। ग्रामीणों के मुताबिक, दाह संस्कार के बाद मृतकों के लिए रखे जाने वाले दोने के चावल को लेकर व्यापारी की मांग उन्हें संदिग्ध लगी। शुरुआत में इसे सामान्य माना गया, लेकिन बाद में कई मौतों के बाद ग्रामीणों ने इस बात को जांच का विषय माना।
पुलिस ने मामले में किराना व्यापारी समेत कई लोगों से पूछताछ की है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एएसपी बलौदाबाजार अभिषेक सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मर्ग कायम किया गया है। शवों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के असली कारण और आगे की कार्रवाई तय होगी।
Updated on:
17 Jun 2026 11:02 am
Published on:
17 Jun 2026 11:02 am
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