
Balodabazar Fire in home: शहर में वार्ड नंबर 11 के भैंसापसरा इलाके में हुई आगजनी हादसा नहीं थी। पूरे परिवार को जान से मारने के इरादे से जानबूझकर आग लगाई गई थी। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मनचलों ने कबूला कि मृतक कमला बाई उन्हें मोहल्ले में आवारागर्दी करने से मना करती थी। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने उसके घर में आग लगाकर पूरे परिवार को मारने की कोशिश की। इस आगजनी में कमला और उसके बेटे संतोष (सानू) की मौत हो गई। जबकि, बेटी रानू और नातिन संध्या गंभीर रूप से झुलस गई हैं।
उनका रायपुर के डीकेएस में मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। बता दें कि पूरी घटना शनिवारदेर रात की है। पत्रिका ने पहले ही दिन बता दिया था कि ये हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या है। बुधवार को एसपी कार्यालय में जब मामले का खुलासा हुआ तो पत्रिका की बातें अक्षरशः सही साबित हुई। पुलिस ने बताया, मामले में 23 साल के करण
बघेल और 26 साल के दौलत सोनवानी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों बदमाश और झगड़ालू प्रवृत्ति के हैं। वे हर शाम कमला बाई के घर के सामने बैठकर आवारागर्दी किया करते थे। ससुराल से मायके लौट चुकी बेटी और नातिन भी अब इसी घर में रह रहे थे। ऐसे में कमला बाई मनचलों को अक्सर घर के बाहर हो-हुल्लड़ करने से टोका करती थी। घटना वाले दिन शनिवार की शाम भी कमला बाई ने दोनों को घर के बाहर हल्ला करने से रोका था। ये बात दोनों को इतनी नागवार गुजरी कि दोनों ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने की प्लानिंग कर वारदात को अंजाम दे दिया।