बलरामपुर

सरकारी शराब बिक्री में बड़ा फर्जीवाड़ा! ₹17.23 लाख का गबन, दो सुपरवाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज

Balrampur Liquor Scam: बलरामपुर की सरकारी विदेशी शराब दुकानों में ₹17.23 लाख के गबन का खुलासा हुआ है। ऑडिट में वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने दो सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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Balrampur Liquor Scam
Balrampur Liquor Scam: दो सुपरवाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज(photo-patrika)

Balrampur Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सरकारी विदेशी शराब दुकानों में ₹17.23 लाख के गबन का मामला सामने आया है। मई और जून माह के ऑडिट में वित्तीय अनियमितताएं मिलने के बाद आबकारी विभाग ने कुसमी और वाड्रफनगर शराब दुकानों के दो सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में कुसमी में ₹9.64 लाख और वाड्रफनगर में ₹7.59 लाख की गड़बड़ी पाई गई। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

Government Liquor Shop Fraud: ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुआ गबन

आबकारी विभाग की ओर से कराए गए ऑडिट में कुसमी की सरकारी विदेशी शराब दुकान में ₹9.64 लाख और वाड्रफनगर की दुकान में ₹7.59 लाख की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इस तरह दोनों मामलों को मिलाकर कुल ₹17.23 लाख के गबन की पुष्टि हुई है। विभागीय जांच में संबंधित सुपरवाइजरों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उनके खिलाफ संबंधित थानों में मामला दर्ज कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

प्लेसमेंट एजेंसी से होगी भरपाई

जिला आबकारी अधिकारी शशांक शर्मा ने बताया कि शराब दुकानों में कर्मचारियों की नियुक्ति निजी प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। ऐसे में गबन से हुई आर्थिक क्षति की भरपाई संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टीम एचआर एजेंसी जिले की शराब दुकानों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध करा रही है और विभाग एजेंसी की जवाबदेही भी तय कर रहा है।

नियुक्ति प्रक्रिया में होंगे अहम बदलाव

इस घटना के बाद आबकारी विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा दुकानों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने तथा स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है। विभाग का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। वहीं, आबकारी विभाग पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
28 Jul 2026 04:38 pm
Published on:
28 Jul 2026 04:37 pm