Bear attack on women: सीआरपीएफ के जवानों ने भालू के हमले में घायल महिला का मौके पर ही किया प्राथमिक उपचार, फिर झेलगी में ढोकर एंबुलेंस तक पहुंचाया
कुसमी. Bear attack on women: एक महिला रविवार को बच्चों के साथ मवेशियों को चराने गांव से लगे जंगल गई थी। इसी दौरान शाम को अचानक एक भालू ने उसपर हमला कर दिया। भालू से बचने महिला संघर्ष करती रही, इस बीच बच्चे करीब 1 किमी दूर दौड़ते हुए सीआरपीएफ कैंप पहुंचे और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के जवानों ने महिला का मौके पर प्राथमिक उपचार कर झेलगी में ढोकर अस्पताल पहुंचाया।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सबाग से लगे ग्राम पंचायत नवाडीह खुर्द के ग्राम बंदरचुआ निवासी चलंगी नगेशिया पति दर्शन नगेशिया उम्र 47 वर्ष रविवार की शाम को बच्चों के साथ जंगल में मवेशियों को चराने गई थी।
इसी दौरान शाम करीब 5 बजे झाडिय़ों से निकल कर एक भालू ने उस पर हमला कर दिया। उसे देख कर वहां मौजूद बच्चे दौड़ कर सीआरपीएफ 62 कैंप बंदरचुआ पहुंचे और घटना के संबंध में कैंप में मौजूद कंपनी के सहायक कमांडेंट संजय चौधरी को जानकारी दी।
इस पर सहायक कमांडेंट मामले को गंभीरता से लेते हुए जवानों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। घटना स्थल मुख्य सडक़ से करीब 1 किमी अंदर जंगल में था। सीआरपीएफ के जवानों ने मौके पर पहले महिला का प्राथमिक उपचार किया, फिर उसे झेलगी में ढोकर मुख्य सडक़ तक लाए।
बटालियन के एंबुलेंस से ले जाया गया अस्पताल
घायल महिला को कैंप से बटालियन की एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबाग लाया गया। यहां इलाज के बाद उसे कुसमी सीएचसी रेफर कर दिया गया। सीआरपीएफ जवानों के इस कार्य की क्षेत्रवासियों ने सराहना की है।