बलरामपुर

Bus accident case: बस हादसे में बलरामपुर के 10 लोगों की हुई थी मौत, एक साथ उठी अर्थी तो रो पड़ा पूरा गांव, नहीं जले चूल्हे

बलरामपुर। झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत महुआडांड़ जिले के ओरसा घाट में रविवार को हुई भीषण बस दुर्घटना में बलरामपुर जिले के 10 लोगों की मौत (Bus accident case) हो गई थी। जबकि 60 से अधिक लोग घायल हैं। इस घटना से जिले में शोक की लहर है। मंगलवार को मृतकों का शव उनके गांव […]

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Funeral of died people (Photo- Patrika)

बलरामपुर। झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत महुआडांड़ जिले के ओरसा घाट में रविवार को हुई भीषण बस दुर्घटना में बलरामपुर जिले के 10 लोगों की मौत (Bus accident case) हो गई थी। जबकि 60 से अधिक लोग घायल हैं। इस घटना से जिले में शोक की लहर है। मंगलवार को मृतकों का शव उनके गांव पहुंचा। यहां पिपरसोत गांव के 5 मृतकों की एक साथ अर्थी निकली। यह नजारा देख पूरा गांव रो पड़ा। वहीं अन्य मृतक अलग-अलग गांवों के हैं। सभी का अंतिम संस्कार किया गया।

बलरामपुर जिले के पिपरसोत व महराजगंज सहित अन्य गांवों से करीब 85 ग्रामीण एक स्कूल बस में सवार होकर रविवार को झारखंड के लोध गांव में आयोजित सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान महुआडांड़ थाना अंतर्गत ओरसा घाटी के खतरनाक मोड़ और ढलान पर बस अनियंत्रित होकर पलट (Bus accident case) गई।

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Bus accident in Orsa Ghat Jharkhand (Photo- Patrika)

हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार लगभग सभी यात्री घायल हो गए। हादसे में मौके पर ही 5 यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि गंभीर रूप से घायल अन्य यात्रियों को महुआडांड़, गुमला, रांची, बलरामपुर और अंबिकापुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान 5 और लोगों की मौत (Bus accident case) हो गई। मृतकों में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग शामिल हैं।

अंतिम संस्कार में हर किसी की आंखें हुई नम

मंगलवार को सभी मृतकों का का शव उनके गांव में पहुंचा। यहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पांच शवों का अंतिम संस्कार ग्राम पिपरसोत स्थित अमझर नाला में, 1 शव का चनान नदी, 1 शव का दहेजवार,1 शव का भनोरा, 1 शव का टांगरमहरी तथा 1 शव का अंतिम संस्कार महाराजगंज में किया गया।

अंतिम संस्कार (Bus accident case) के दौरान गांवों में चूल्हे नहीं जले और हर आंखे नम नजर आईं। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, भाजयुमो के वरिष्ठ नेता अंश सिंह, सरपंच अनिता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

Dead body put for funeral (Photo- Patrika)

Bus accident case: मृतकों में ये हैं शामिल

हादसे (Bus accident case) में जान गंवाने वाले सभी मृतक बलरामपुर जिले के निवासी हैं। मृतकों में सीतापति देवी (पिपरसोत), प्रेमा देवी, रेशन्ती चेरवा, सूखना भुइयां, विजय नगेसिया, सोनमती, लीलावती सोनवानी (महाराजगंज), रमेश मणिका, फगुआ राम तथा परशु राम सोनवानी शामिल हैं। मृतकों की सूची सामरीपाठ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

26 घायलों का बलरामपुर में इलाज जारी

जिला चिकित्सालय बलरामपुर के सिविल सर्जन डॉ. शशांक कुमार ने बताया कि वर्तमान में 26 घायलों का इलाज जिला अस्पताल अंबिकापुर में जारी है। इनमें अधिकांश की स्थिति सामान्य है। वहीं खुलासो देवी (48 वर्ष, पिपरसोत) को गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर (Bus accident case) रेफर किया गया है। कुल 32 घायलों को गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची स्थित रिम्स भेजा गया है। मृत सभी लोग अत्यंत गरीब परिवार से हैं।

Funeral procession (Photo- Patrika)

घायलों से मिले कमिश्नर

बस हादसे (Bus accident case) में 25 घायलों का इलाज अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है। मंगलवार को कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा घायलों से मिले और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को उचित एवं उत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं डीन व अस्पताल अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से उपचार की निगरानी करने कहा।

Commissioner meet with injured people (Photo- Patrika)

आईजी ने गठित की जांच समिति

इधर आईजी दीपक कुमार झा ने बस हादसे (Bus accident case) की जांच के लिए एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी के नेतृत्व में अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए जांच टीम गठित की है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में दोषी पाए जाने वाले वाहन स्वामी, चालक के साथ-साथ लापरवाह पुलिस एवं परिवहन अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने जांच समिति को रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आईजी ने जांच के कई बिंदू निर्धारित किए हैं। इनमें निजी स्कूल बस द्वारा सवारी परिवहन कर दूसरे राज्य जाने की वैध अनुमति/परमिट, वाहन की फिटनेस एवं पंजीयन की वैधता, वाहन चालक के हेवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता,

दुर्घटनाग्रस्त बस (Bus accident case) की सीटिंग क्षमता एवं वास्तविक रूप से सवार यात्रियों की संख्या, ओवरलोडिंग, लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन के तथ्य शामिल किए हैं। वहीं आरटीओ ने समय-समय पर वाहन जंाच, फिटनेस एवं ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई की या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।

Published on:
20 Jan 2026 06:36 pm
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