बलरामपुर

महानगरों में मोटी तनख्वाह का ऑफर ठुकरा अपने गृहक्षेत्र में डॉ. राजीव दे रहे सेवा, स्थापित किया ये कीर्तिमान

डॉ. राजीव ने अपने अन्य साथी डॉक्टर व स्टाफ के साथ मिलकर ढाई घंटे के ऑपरेशन के बाद 70 साल के बुजुर्ग का किया ऑपरेशन, बीमार पत्नी ही है एकमात्र सहारा

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महानगरों में मोटी तनख्वाह का ऑफर ठुकरा अपने गृहक्षेत्र में डॉ. राजीव दे रहे सेवा, स्थापित किया ये कीर्तिमान
Dr. Rajeev with his team

रामानुजगंज. बलरामपुर के जिला चिकित्सालय को स्वास्थ्य के क्षेत्र में नित्य नई ऊंचाइयां होनहार डॉक्टरों की टीम के बदौलत मिल रही है। इसी कड़ी में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव तिवारी और उनकी टीम ने अथक परिश्रम कर ढाई घंटे के सफल ऑपरेशन के बाद एक 70 वर्षिय बुजुर्ग के कूल्हे को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित (Hip replacement) कर इस जिले में एक कीर्तिमान स्थापित किया।

गौरतलब है कि डॉ. राजीव तिवारी (Dr. Rajeev Tiwari) महानगरों में मिले मोटे तनख्वाह व सुविधाओं का ऑफर ठुकराकर गृह जिले में अपनी सेवा दे रहे हैं।


बलरामपुर जिला चिकित्सालय में रामानुजगंज के ग्राम पुरानडीह निवासी डॉ. राजीव तिवारी की अस्थि रोग विशेषज्ञ के रूप में पदस्थापना के बाद लगातार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी हो रही है। जहां पहले हड्डी का कोई भी ऑपरेशन के लिए अंबिकापुर या झारखंड के डाल्टेनगंज जाना होता था।

अब वह सभी सुविधा बलरामपुर जिला चिकित्सालय में मिलने लगा लगीं। बलरामपुर के वार्ड क्रमांक 14 के निवासी बैरागी उम्र 70 वर्ष का दाहिना कुल्हा एक हप्ते पहले गिरने से टूट गया था, जिन्हें जिला चिकित्सालय बलरामपुर में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव तिवारी से दिखलाया गया,

जिसके बाद सारे जांच करा कर कूल्हे का प्रत्यारोपण सर्जरी डॉ. राजीव तिवारी के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर कृष्णा चैतन्य, ओटी टेक्निशियन सुनील, उदय, विवेक के साथ मिलकर ढाई घंटे में सफलतापूर्वक किया गया।

डॉ राजीव तिवारी ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय थी तो हम लोगो ने डॉ. खूबचंद बघेल योजना अंतर्गत प्रत्यारोपण नि:शुल्क किया। मरीज अब पूर्णत: स्वस्थ हैं। डॉक्टर तिवारी ने बताया कि जनवरी 2019 से लगातार प्रत्येक माह 25 से 30 हड्डी रोग संबंधित मेजर ऑपरेशन किए जा रहे हैं।


बीमार पत्नी के अलावा नहीं था कोई सहारा
70 वर्षीय बुजुर्ग का बीमार पत्नी के अलावा कोई सहारा नहीं था ऐसे में इनके लिए बाहर जाना असंभव ही था। बलरामपुर में कुल्हा प्रत्यारोपण होने से दंपति को बड़ी राहत मिली। यदि दंपति बाहर जाते तो काफी पैसे खर्च भी होते वही परेशानी भी काफी होती। डॉ राजीव तिवारी के प्रयास से वे इससे वे बच गए।


मोटी तनख्वाह छोड़ गृह क्षेत्र में दे रहे हैं सेवा
रामानुजगंज से सटे हुए ग्राम पुरानडीह के होनहार युवक अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव तिवारी को महानगरों के बड़े-बड़े अस्पतालों से मोटी तनख्वाह एवं ढेर सारी सुविधाओं के ऑफर थे। लेकिन उसे छोडक़र वह अपने गृह क्षेत्र में सेवाएं दे रहे है।

Published on:
02 Jun 2020 02:23 pm