बलरामपुर

हाथियों ने मां-बेटे को कुचला, लात मारी तो पति लेट गया सांस रोक कर, दूसरा बेटा छिपा पेड़ के पीछे

2 मासूम बेटों के साथ बाइक से जंगल के रास्ते लौट रहे थे पति-पत्नी, रास्ते में हाथियों से हो गया सामना, पिता व बेटे की बच गई जान
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Elephants
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राजपुर. पत्नी व दो बच्चों को लेकर बाइक से ससुराल जा रहे ग्रामीण का ग्राम लोधीडांड़ के जंगल में शनिवार की शाम 52 हाथियों से सामना हो गया। हाथियों को देख पति-पत्नी व बच्चे बाइक वहीं छोड़कर भागने लगे। लेकिन हाथियों ने दौड़ाकर महिला व 6 साल के बालक को कुचलकर मार डाला।

वहीं ग्रामीण को भी एक हाथी ने लात से मारा तो वो जमीन पर गिर गया और सांस रोक कर वहीं लेट गया। हाथी उसे मरा समझकर छोड़कर चले गए। एक 12 वर्ष के बेटे ने पेड़ के पीछे छिपकर जान बचाई। इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता डौरा क्षेत्र के ग्राम अतौरी निवासी केश्वर कंवर शनिवार की शाम पत्नी 30 वर्षीय गीता देवी कंवर व दो बेटों 12 वर्षीय कलेश्वर, 6 वर्षीय दिलेश कंवर के साथ बाइक से ससुराल धंधापुर जा रहा था। रास्ते में शाम लगभग 7 बजे ग्राम लोधीडांड़ के जंगल में उनका सामना 52 हाथियों के दल से हो गया।

हाथियों को देखते ही उनके होश उड़ गए। पत्नी ने तत्काल दोनों बच्चों को उतार दिया, फिर सभी बाइक छोड़कर भागने लगे। हाथियों ने दौड़ाकर गीता व उसके 6 साल के बेटे दिनेश को कुचलकर मार डाला। दूसरा बेटा 12 वर्षीय कलेश्वर पेड़ के पीछे जाकर छिप गया। लेकिन केश्वर नहीं भाग सका, एक हाथी ने उसे लात मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया, इस बीच उसने समझदारी दिखाते हुए सांस को रोक लिया।

इससे हाथी उसे मरा समझकर छोड़कर चल गए। इधर पेड़ के पीछे छिपने से दूसरे बेटे की जान बच गई। वो किसी तरह जंगल से बाहर निकला। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने सुरक्षित बचे दूसरे बेटे को फिलहाल अपने पास ही रखा है। रात होने व हाथियों की जंगल में मौजूदगी के कारण वन अमला घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका। मां-बेटे के शव वहीं पड़े हुए हैं।


इधर हाथियों ने तोड़े 6 घर
सरगुजा जिले के लखनपुर वन परिक्षेत्र एवं उदयपुर ब्लॉक के ग्राम घटोन में शुक्रवार की रात तीन हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने 5 ग्रामीणों का घर तोड़कर तहस-नहस कर दिया। साथ ही अंदर रखे धान की फसल भी चट कर गए। हाथियों के उत्पात से पूरी रात ग्रामीण दहशत में रहे। हाथियों ने ग्राम मरेया में भी 1 घर तोड़ दिया। अभी हाथियों का दल उदयपुर वनपरिक्षेत्र के मतरिंगा के शुक्ला पहाड़ में डेरा जमाए हुए है।

वहीं ग्रामीण जान-माल की रक्षा के लिए रतजगा कर रहे हैं। हाथियों द्वारा घर तोड़े जाने से बेघर हो रहे ग्रामीणों के समक्ष इस कड़ाके की ठंड में सिर छिपाने की समस्या की खड़ी हो गई है। वे आखिर जाएं तो जाएं कहां। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

Updated on:
31 Dec 2017 02:08 pm
Published on:
30 Dec 2017 09:12 pm