परिजन ने गलत इलाज करने का लगाया आरोप, थाने पहुंचकर झोलाछाप चिकित्सक पर की अपराध दर्ज करने की मांग
रामानुजगंज. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम देवगई के पटेलपारा में झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के फेर में एक व्यक्ति की जान चली गई। दरअसल मृतक को दो-तीन दिन से काफी कमजोरी महसूस हो रही थी। शुक्रवार को उसके परिजन ने इलाज के लिए एक झोलाछाप डॉक्टर को घर बुला लिया।
डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया, इससे मृतक की हालत सुधरने की जगह और बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन उसे रामानुजगंज अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में परिजन व अन्य लोगों ने थाने पहुंचकर झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
ग्राम देवगई के पटेलपारा निवासी 55 वर्षीय रामजीत जगहत को दो-तीन दिन से काफी कमजोरी महसूस हो रही थी। परिजन ने उसे अस्पताल ले जाने की बजाए शुक्रवार की सुबह गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर सुदेश्वर प्रजापति को बुला लिया। झोलाछाप डॉक्टर ने लगभग 10 बजे रामजीत को इंजेक्शन लगाया, लेकिन हालत सुधरने की बजाए और बिगड़ गई।
इस पर परिजन आनन-फानन में उसे रामानुजगंज सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां डॉ. कैलाश कैवत्र्य ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजन व अन्य लोग आक्रोशित हो गए और झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इलाज कराने का आरोप लगाते हुए थाने पहुंच गए।
उन्होंने सुदेश्वर प्रजापति के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की। थाने में मृतक के पुत्र रमेश जगहत के साथ सीताराम गुप्ता, अरविंद प्रजापति, बलराम गुप्ता, सचिव रामप्रीत व रामचंद मरावी पहुंचे थे।
पूछने के बाद भी डॉक्टर ने नहीं बताया इंजेक्शन का नाम
मृतक के परिजन ने बताया कि इंजेक्शन लगाने के बाद झोलाछाप डॉक्टर ने डिस्पोजल अपने पास रख लिया था। बार-बार पूछने के बाद भी उसने इंजेक्शन का नाम नहीं बताया।