बलरामपुर

यहां तो ऐसे ही होता है मनरेगा का काम, मजदूरों की जगह लगा दी गई मशीन

सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक का कारनामा, पूर्व में ही आहरित कर ली है उक्त काम की राशि

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JCB
MGNREGA work

राजपुर. शासन-प्रशासन चाहे लाख दावा कर ले, लेकिन निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार नहीं थम सकता। इसका एक ताजा उदाहरण बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के महादेवपुर पंचायत में देखने को मिल रहा है। यहां मनरेगा के तहत डबरी का निर्माण मजदूरों की जगह मशीन से सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक द्वारा कराया जा रहा है। प्रशासन को सूचना के बाद भी कोई कार्यवाई न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।


जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत महादेवपुर के बिशुनपारा में डबरी निर्माण एक्सीवेटर से कराया जा रहा है। उक्त डबरी की स्वीकृत राशि 2 लाख 97000 रुपए है। 9 जुलाई को भी एक्सीवेटर से दूसरे स्थान पर डबरी निर्माण कराया जा रहा था।

ग्रामीणों के विरोध से उस निर्माण कार्य को बंद कर दिया गया, पुन: प्रस्तावित स्थान पर कार्य 12 जुलाई को शाम 4 से 12 बजे रात तक किया गया। यह डबरी इस्माइल पिता रोजन अली हितग्राही के नाम स्वीकृत है। बताया जा रहा है कि उक्त डबरी की राशि पहले ही आहरित कर ली गई है।

यह कार्य वर्ष 2015 का स्वीकृत है। सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व हितग्राही ने मिलकर पूर्व में ही डबरी निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली थी। वर्तमान में मात्र 10 हजार ही शेष हैं, जब गांव में यह खबर फैली तो आनन-फानन में मनरेगा के कार्य को चोरी-छिपे एक्सीवेटर लगाकर खानापूर्ति की जा रही है।

नियम को ताक पर रखकर डबरी का निर्माण कराया जा रहा है। मौके पर मस्टर रोल, जॉब कार्ड, निर्माण स्थल पर बोर्ड, पीने के लिए पानीए मेडिसिन तक नहीं रखा जा रहा है। मशीन से कार्य कराने के बाद में जॉब कार्ड व मस्टर रोल भरा जा रहा है।


जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
इस संबंध में रामचंद्रपुर जनपद के कार्यक्रम अधिकारी जयपाल एक्का ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला पंचायत सीईओ शिवअनंत तायल ने कहा कि इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
16 Jul 2018 02:40 pm