आदेश में स्पष्ट प्रावधान है कि जहां आजाक विभाग में अधीक्षक का पृथक पद स्वीकृत है और उस पर नियमित भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में है, वहां पद भरने तक वर्तमान में अधीक्षक (Superintendent) का कार्य कर रहे व्यक्ति को ही अधीक्षक के पद पर यथास्थिति प्रतिनियुक्ति अथवा प्रभार पर माना जाएगा। अर्थात आदेश का लाभ केवल उन शिक्षकों को दिया गया है जो संबंधित आश्रम शालाओं में अधीक्षक का दायित्व निभा रहे थे। आदेश में अन्य पदों अथवा प्रशासनिक दायित्वों पर कार्यरत कर्मचारियों को स्वत: प्रतिनियुक्त मानने का कोई उल्लेख नहीं है।