
घूसखोर पंचायत सचिव निलंबित (photo source- Patrika)
Panchayat Secretary Suspended: जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगना एक पंचायत सचिव को महंगा पड़ गया। बलरामपुर ग्राम पंचायत भेलवाडीह में पदस्थ पंचायत सचिव विष्णुपद मण्डल को अवैध वसूली के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। कार्रवाई उस ऑडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें पंचायत सचिव ऑनलाइन जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के बदले 200 रुपये की मांग करते हुए कथित तौर पर सुनाई दे रहे हैं।
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें पंचायत सचिव द्वारा ऑनलाइन जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में 200 रुपये की मांग किए जाने का दावा किया गया। ऑडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंची। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए।
जनपद पंचायत स्तर पर पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। जांच दल ने शिकायत, वायरल ऑडियो और अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए संबंधित पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत भेलवाडीह के पंचायत सचिव विष्णुपद मण्डल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विभाग द्वारा निर्धारित स्थान पर रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
निलंबन के साथ ही पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत मांगने के आरोप कितने सही हैं और क्या इससे पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आई थीं। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जन्म प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं तय नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जानी चाहिए और यदि कोई कर्मचारी इसके बदले अवैध राशि की मांग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार लगातार सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके बावजूद यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ऑनलाइन प्रक्रिया का हवाला देकर अवैध वसूली करता है, तो ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंचायत सचिव पर हुई यह कार्रवाई भी इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
Updated on:
25 Jul 2026, 1:50 PM IST
Published on:
25 Jul 2026, 1:50 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.