Breaking News: बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एसडीएम और तहसीलदार द्वारा कथित रूप से की गई पिटाई में एक व्यक्ति की मौत हो गई....
Big Breaking News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के दौरान कथित मारपीट में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना कुसमी थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव की है और इसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर शाम कुसमी एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा राजस्व अमले के साथ हंसपुर पहुंचे थे। प्रशासन को सूचना मिली थी कि गांव में अवैध रूप से बॉक्साइट का खनन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने एक बॉक्साइट से लदे ट्रक को रोक लिया था, जिसके बाद जांच के लिए अधिकारी मौके पर पहुंचे।
घटना रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। घायल ग्रामीणों अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) के अनुसार, वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान सरना स्थल के पास खड़ी प्रशासनिक टीम ने उन्हें रोका और पूछताछ की। आरोप है कि बात बढ़ने पर अधिकारियों के साथ मौजूद कुछ लोगों ने तीनों ग्रामीणों की डंडों और लात-घूंसों से पिटाई कर दी।
बताया गया है कि मारपीट के बाद तीनों को वाहन में बैठाकर कुसमी लाया जा रहा था। रास्ते में राम नरेश राम (60) की हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य दो घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कुसमी थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बलरामपुर के एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचकर मामले की निगरानी कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम और नायब तहसीलदार समेत मारपीट में कथित रूप से शामिल चार लोगों को राजपुर थाने में बैठाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और अंबिकापुर से फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच में जुटे हैं। गांव में अवैध खनन को लेकर पहले से विवाद की स्थिति थी, ऐसे में इस घटना ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।