Teacher brutally beaten students: प्रश्र का जवाब नहीं देने पर दी सजा, परिजनों में आक्रोश, छात्रों के परिजन ने बीईओ व डीईओ से की मामले की शिकायत, कार्रवाई की मांग
वाड्रफनगर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के शिक्षक ने शुक्रवार को 7वीं कक्षा के 2 छात्रों की डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे उनके शरीर पर चोट (Teacher brutally beaten students) के निशान उभर आए हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षक ने छात्रों से कुछ सवाल पूछे, जिसका जवाब वे नहीं दे पाए। इससे गुस्साए शिक्षक ने उनकी पिटाई कर दी। पीडि़त छात्रों के परिजनों ने मामले की शिकायत बीईओ व डीईओ से की है।
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड स्थित रघुनाथनगर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित है। शुक्रवार को अन्य दिनों की तरह ही कक्षाओं में पढ़ाई चल रही थी। इसी बीच 7वीं कक्षा के छात्रों को पढ़ा रहे शिक्षक पीयुष वर्मा ने छात्रों से कुछ सवाल पूछे।
इसका जवाब छात्र नहीं दे पाए। इससे शिक्षक इतना गुस्सा हो गया कि उसने डंडे से 2 छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई के दौरान छात्र रोते-चिल्लाते रहे, लेकिन शिक्षक उन्हें पीटता (Teacher brutally beaten students) रहा। पिटाई से छात्रों के पैरों में डंडे के निशान उभर आए।
स्कूल से छुट्टी के बाद पीडि़त छात्र घर पहुंचे तथा माता-पिता को ये बात बताई। परिजनों ने जब उनके कपड़े उतारकर देखे तो डंडे के निशान (Teacher brutally beaten students) स्पष्ट दिखाई देने लगे। इसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत बीईओ व डीईओ से की। उन्होंने बताया कि छात्र अब स्कूल जाने से डर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने जांच करने की बात कही।
परिजनों की शिकायत पर बीईओ मनीष सिंह ने मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि 2 छात्रों के साथ मारपीट हुई है। जांच प्रतिवेदन बनाकर डीईओ को सौंप दिया गया है। इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इधर छात्रों के परिजनों ने भी शिक्षक पीयुष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई (Teacher brutally beaten students) की मांग की है।
इधर मामला सामने आने पर शिक्षक ने छात्रों के परिजनों व शिक्षक संघ से माफी मांगी है। शिक्षक का कहना है कि मैंने कुछ दिनों पहले छात्रों को सवाल के जवाब याद करने को दिए थे। जब कक्षा में पूछा तो वे जवाब नहीं दे पाए। इस पर मैंने उन्हें अपने बच्चे समझकर पीटा (Teacher brutally beaten students) था।