बलरामपुर गैंगरेपः अपर मुख्य सचिव गृह व एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मिले पीड़ित परिवार से
बलरामपुर. यूपी में महिलाओं के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं के खिलाफ योगी सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। हाथरस के बाद बलरामपुर गैंगरेप मामले में परिवार से अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मुलाकात की व उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। अवनीश अवस्थी के साथ पहले यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी बलरामपुर जाने वाले थे, लेकिन आखिरी वक्त पर उनका जाने का कार्यक्रम रद्द हो गया। अपर मुख्य सचिव गृह, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अतिरिक्त डीआइजी डॉ. राकेश कुमार, डीएम कृष्णा करुणेश व एसपी देवरंजन वर्मा बलरामपुर में पीड़ित परिवार से मिले जहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक घटना से जुड़ी जानकारी ली। परिवारीजन से बात कर दुष्कर्म पीड़िता से हुई दरिंदगी की दास्तां सुनी व उसे न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
सख्ती ऐसी होगी कि कोई दोषी बच नहीं पाएगा- अवनीश अवस्थी
परिवार से मुलाकात के बाद अवनीश अवस्थी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि परिवार को जो भी सहयोग कर सकेंगे वह हम करेंगे। परिवार ने जो भी बिंदु बताएं हैं उसके अनुसार जांच होगी। परिवार की मांग है कि जो भी दोषी हैं, उन्हें छोड़ा न जाए। जो छूट गए हैं उन्हें ढूंढकर प्रभावी कार्रवाई की जाए, उन्हें छोड़ा न जाए। अपर मुख्य सचिव ने आगे बताया कि डीएम लगातार परिवार के हर दूसरे-तीसरे दिन मिलता रहेगा। यह बहुत दुखद घटना है। मामला फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलेगा। और सख्ती ऐसी होगी कि कोई दोषी बच नहीं पाएगा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर दस जगह चोट के निशान-
इससे पहले शनिवार को परिजनों का आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पीड़िता परिवार को सौंप दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पीड़िता के साथ हुई जघन्य अपराध की दास्तां बयां करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की मौत अत्यधिक रक्तस्राव व सदमें से हुई। रिपोर्ट से यह बात भी साबित होती है कि पीड़िता के साथ बड़ी दरिंदगी की गयी। उसके शरीर पर दस चोट के निशान पाये गये हैं। यह चोट के निशान शरीर के कई संवेदनशील स्थानों पर मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता की छाती, जांघ और कोहनी समेत कई संवेदनशील अंगों पर जख्म के निशान हैं।
29 सितंबर को हुई थी वारदात-
बलरामपुर एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि घटना 29 सितंबर की है। 22 वर्षीय पीड़िता डिग्री कॉलेज में दाखिला के लिये फीस जमा करने गयी थी। उसी दिन शाम करीब 7 बजे अचेत अवस्था में उसे एक रिक्शा चालक उनके घर के पास छोड़कर चला गया। गंभीर अवस्था में देख छात्रा को परिजनों ने अस्पताल पहुंचाना चाहा, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज से लौटते समय छात्रा का अपहरण किया गया। उसे बेहोशी की दवाई देकर आरोपियों ने उसके साथ एक कमरे में गैंगरेप किया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है। पुलिस ने छात्रा के भाई की तहरीर पर दो नामजद युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। जि कमरे में छात्रा के साथ गैंगरेप करने का आरोप लगा है, उस कमरे के बाहर छात्रा की चप्पल मिली है। जिस रिक्शे से छात्रा को उनके घर पहुंचाया गया, वह रिक्शा भी उसी घर के सामने मिला है। एसपी ने बताया कि इस घटना के मद्देनजर चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है।