जिले की प्रमुख नदी राप्ती खतरेे के निशान से ऊपर बहने लगी है सुबह के बाद कोड़री मथुरा मार्ग पर राप्ती नदी की बाढ़ का पानी सड़क को पार कर कई गावोें में घुसने लगा जिसके चलते आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गये है।
बलरामपुर। जिले की प्रमुख नदी राप्ती खतरेे के निशान से ऊपर
बहने लगी है सुबह के बाद कोड़री मथुरा मार्ग पर राप्ती नदी की बाढ़ का पानी
सड़क को पार कर कई गावोें में घुसने लगा जिसके चलते आधा दर्जन से अधिक गांव
बाढ़ के पानी से घिर गये है। दो सेेन्टीमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़
रही है वहीं अबतक खतरे केे निशान से 60 सेन्टीमीटर ऊपर बह रही
है।
सडक के ऊपर लगभग दो फिट सेे ऊपर पानी बहनेे के कारण आवागमन
बाधित है। वैसे अब बहराइच व भिन्गा मेें नदी का जलस्तर घटने की सूचना है।
जिसके चलते उम्मीद की जा रही है कि कल तक स्थिति सामान्य हो जाये।
केन्द्रीय जल आयोग कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार समाचार लिखे जाने तक
राप्ती का जलस्तर 104.680 मीटर दर्ज किया गया था। जलस्तर में वृद्धि जारी
थी जो 104.750 तक पहुंच गया था। फिर सुबह से जलस्तर घटना शुरू हो गया। जो
104.680 तक रूक गया और रिकार्ड किया गया।
जलस्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर
से 60 सेमी ऊपर था। राहत की खबर यह है कि राप्ती का जलस्तर बहराइच व
श्रावस्ती में घटने लगा है। इसलिए सम्भावना है जलस्तर खतरे के निशान से
नीचेे आ सकता है। ग्राम अल्लीपुर राप्ती नदी मेे अचानक बाढ आ जाने से दो घर
नदी में समाहित हो गये वही पर सात घर खतरे के कगार पर है। मिली जानकारी के
अनुसार सोमवार को राप्ती नदी का जल स्तर अचानक बढ जाने से ग्राम अल्लीपुर
में अहमद पुत्र जुम्मन और सीता पुत्र जोगी का घर नदी के आगोश में आ गया।