बांदा में इस वर्ष का रक्षाबंधन कई लोगों को गहरा दर्द दे गया। गुरुवार को हुए नाव हादसे में कई लोगों ने अपनों को खोया। हादसे से लेकर अब तक 11 शव बरामद किए गए हैं। जबकि अन्य लोगों की अब भी कोई जानकारी नहीं है। नाव पलटने के बाद लापता हुए लोगों की तलाश में उनके परिजन यमुना नदी के पास टकटकी लगाए रहे।
उत्तर प्रदेश के बांदा में हुए नाव हादसे में 40 घंटे से ऊपर बीत जाने के बाद भी सभी यात्रियों की खबर नहीं मिल सकी है। लेकिन मरने वालों की संख्या में इजाफा जरूर हो रहा है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ कर 11 पहुंच गया है। शनिवार 13 अगस्त को 8 लोगों के शव बरामद हुए, जिनमें पांच पुरुष और तीन महिलाएं हैं। इससे पहले शुक्रवार को तीन लोगों के शव बरामद हुए थे। वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू हादसे के बाद से सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है। अन्य लापता लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन अब तक जारी है। माना जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मारे गए लोगों के घरवालों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
मृतकों के शवों की तलाश जारी
गुरुवार रक्षाबंधन के दिन दोपहर को 33 सवारियों से भरी नाव अचानक यमुना नदी में डूब गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। इसके बाद से ही सर्च ऑपरेशन की टीम शवों को बरामद करने में जुटी है। बांदा नाव हादसे में लापता लोगों के शव फतेहपुर में भी मिले हैं। फतेहपुर के डीएम ने कहा कि किशनपुर घाट से दो, नरौली घाट से चार, गुरुवल घाट और एकडला घाट से एक-एक शव बरामद हुए हैं।
यमुना नदी में डूबी नाव
गुरुवार को बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र में यमुना नदी में नाव डूब गई। हादसे में 13 लोगों को रेस्क्यू किया गया था और 17 लोग लापता थे। मगर 13 में से शुक्रवार को तीन और शनिवार को आठ के शव मिले। जो लापता हैं, उनका पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवान लगातार प्रयास कर रहे हैं।