42 हजार लोगों को सिपाही बनने का मौका, सिर्फ इसका है इंतजार...
लखनऊ. प्रदेश में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए योगी सरकार ने सिपाहियों की सीधी भर्ती का ऐलान किया था लेकिन सिपाहियों की सीधी भर्ती के लिए अभी तक विज्ञापन जारी नहीं हो सका है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड 2015 में शुरू हुई 34716 सिपाहियों की सीधी भर्ती के मामले में हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रहा है। बताते चलें कि अखिलेश सरकार के दौरान शुरू हुई सिपाहियों की भर्ती की प्रक्रिया में विवाद गहराने के बाद मामला हाईकोर्ट में चला गया था जिस पर सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड 41972 सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले वर्ष 2015 की सीधी भर्ती के मामले पर हाईकोर्ट के निर्णय को जान लेना चाहता है। जिससे एकबार भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें किसी तरह की कोई रुकावट पैदा न हो। हालांकि बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि वर्ष 2015 की सीधी भर्ती पर फैसला आने में अगर अधिक समय लगता है तो बोर्ड वर्ष 2017 की सीधी भर्ती के लिए विग्यप्ति जारी कर देगा।
अक्टूबर के महीने में जारी होनी थी विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पुलिस प्रोन्नति बोर्ड की अोर से कहा गया है कि 42 हजार सिपाहियों की भर्ती के लिए अक्टूबर में विज्ञापन जारी होगा। भर्ती बोर्ड की ओर से कहा गया है कि यह परीक्षा ऑफलाइन होगी। सभी सेंटर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगे। लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक परीक्षा और स्क्रीनिंग भी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ही करानी होगी। एजेंसी के पास हर अभ्यर्थी की बायोमीट्रिक कैप्चरिंग की भी व्यवस्था भी होनी चाहिए।
बोर्ड ने कहा है कि अभ्यर्थियों के लिए वेब एवं फोन समर्थित हेल्पलाइन नंबर भी आवश्यक होगा। एजेंसियां तीन अक्तूबर तक इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।