बुंदेलखंड के बाँदा में पुलिस पर लगते सवालिया निशानों में कमी होती नहीं दिख रही है। पीड़ितों को न्याय मिलना बाँदा में बेहद मुश्किल काम होता जा रहा है।
बांदा. बुंदेलखंड के बाँदा में पुलिस पर लगते सवालिया निशानों में कमी होती नहीं दिख रही है। पीड़ितों को न्याय मिलना बाँदा में बेहद मुश्किल काम होता जा रहा है। आज फिर एक पीड़ित परिवार एसपी के दर पर न्याय की गुहार लगाता भटकता रहा, लेकिन उसके हाथ एक बार फिर आश्वासन की घुट्टी ही लगी। दहेज़ के लिए गर्भवती विवाहिता को टॉर्चर करने और जलाकर मार डालने के आरोपी पर एक हफ्ते बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और मृतका के परिजन दर-दर भटक रहे हैं।
पेट्रोल छिड़ककर जलाकर मारा-
बाँदा एसपी कार्यालय में अपनी फ़रियाद लिए भटक रहे ये लोग शहर कोतवाली के निम्नीपार निवासी उस बदनसीब विवाहिता रेशमा के मायके वाले हैं जिसे ज़ालिम ससुरालियों ने एक हफ्ते पहले 28 सितम्बर को पेट्रोल छिड़ककर जलाकर मार दिया था। जिस समय रेशमा की हत्या की गयी वह गर्भवती थी। इस वारदात की सूचना मायके पक्ष ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया लेकिन, आज तक आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही तो दूर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया और रोज़ाना पीड़ित परिवार पुलिस अधिकारीयों के चक्कर काट रहा है।
3 साल पहले भी की थी मारने की कोशिश-
तीन साल पहले भी मृतका के पति अख्तर और ससुरालियों ने रेशमा पर मिट्टी का तेल छिड़ककर जलाने की कोशिश की थी, जिसपर रेशमा ने पुलिस को लिखित शिकायत भी की थी, लेकिन तब भी पुलिस ने पीड़िता पर ही दबाव डालकर सुलह करवा दी थी और ससुराल भेज दिया था। मृतका के मायके पक्ष का कहना है कि दहेज़ की मांग पूरी न होने और आरोपी पति के दूसरी महिला से अवैध संबंधों के चलते उनकी बेटी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की बेरहमी से जलाकर हत्या कर दी गयी, लेकिन हत्या के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया और हत्यारोपी पति और ससुराली आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं जब मामले की जाँच कर रहे सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह से सवाल किया गया तो उनका वहीं रटारटाया जवाब सामने था कि जाँच जारी है।